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हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह इस बार 60 दिनों यानी 2 माह का रहेगा। ज्येष्ठ माह 1 मई से 29 जून 2026 तक रहेगा। इस बीच 17 मई से अधिकमास प्रारंभ होगा जो 15 जून तक रहेगा। अधिक मास के कारण कई प्रमुख व्रत और त्योहार की तिथियां सामान्य समय से लगभग 15 से 20 दिन आगे खिसक जाएंगी।  

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ज्येष्‍ठ मास का महत्व:

ज्येष्‍ठ माह को पुण्यदायी माह माना जाता है। यह महीना तप, दान और धार्मिक साधना के लिए विशेष फलदायी है। ज्येष्ठ के इस विशेष संयोग और अधिक मास की अवधि में भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) की उपासना अत्यंत फलदायी रहती है। इस दौरान पड़ने वाले व्रत और त्योहार न केवल धार्मिक आस्था से जुड़े होते हैं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा भी लेकर आते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ मास में यदि व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करता है, तो उसके जीवन की कई बाधाएं दूर हो सकती हैं और भाग्य का साथ मिलने लगता है।


 

इन राशियों को होगा लाभ:

इस माह में मेष, वृषभ, सिंह, तुला और धनु राशियों को लाभ होगा। 


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ज्येष्ठ माह 2026 के लिए आपकी राशि के अनुसार संक्षिप्त उपाय-

  1. मेष: प्रतिदिन सूर्य को जल दें (आत्मविश्वास हेतु)।
  2. वृषभ: लक्ष्मी पूजा करें और शुक्रवार को सफेद मिठाई दान करें (आर्थिक लाभ)।
  3. मिथुन: गणेश पूजा और “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें (बाधा निवारण)।
  4. कर्क: शिव को जल अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” जपें (मानसिक शांति)।
  5. सिंह: सूर्य को जल दें (सम्मान और करियर प्रगति)।
  6. कन्या: विष्णु पूजा और पीली वस्तुओं का दान करें (सुख-समृद्धि)।
  7. तुला: लक्ष्मी पूजा करें और शुक्रवार को सुहागिनों को श्रृंगार सामग्री दें।
  8. वृश्चिक: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और शिव मंत्र का जाप करें (बाधा मुक्ति)।
  9. धनु: विष्णु पूजा करें और गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें (भाग्य वृद्धि)।
  10. मकर: शनि देव की पूजा करें और शनिवार को सरसों तेल का दीपक जलाएं।
  11. कुंभ: सोमवार को शिवलिंग पर जल व बेलपत्र अर्पित करें (सकारात्मकता)।
  12. मीन: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप और अन्न दान करें (शांति व समृद्धि)।

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