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फरीदाबाद के किसान भीषण गर्मी में रात-दिन खेतों में मेहनत करते हैं. रात में सिंचाई के दौरान सांपों से बचने के लिए किसान खेत की मेड़ पर फॉरेट दवाई का छिड़काव करते हैं. इसकी गंध से सांप दूर रहते हैं. किसान पप्पू कुमार पिछले दो साल से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, यह दवाई बेहद जहरीली है, इसलिए उपयोग में पूरी सावधानी जरूरी है.

फरीदाबाद: भीषण गर्मी में जब शहर के लोग कूलर और एसी की ठंडी हवा में राहत ढूंढ रहे होते हैं उस समय फरीदाबाद के किसान तपती धूप में अपने खेतों में पसीना बहा रहे होते हैं. दिन हो या रात, किसानों का काम कभी नहीं रुकता. खासकर गर्मियों में सिंचाई के लिए उन्हें देर रात खेतों में जाना पड़ता है, क्योंकि कई गांवों में खेतों की बिजली रात 10:30 बजे के बाद ही आती है. ऐसे में अंधेरे खेतों में सबसे बड़ा खतरा होता है सांपों का. लेकिन फरीदाबाद के किसान इससे बचने का आसान और सस्ता उपाय अपना रहे हैं.

सांपों से बचाव का जुगाड़

लोकल 18 से बातचीत में किसान पप्पू कुमार ने बताया मैं पीछे से उत्तर प्रदेश के हाथरस का रहने वाला हूं और पिछले दो साल से फरीदाबाद में सब्जियों की खेती कर रहा हूं. पप्पू ने बताया मैं दिन-रात खेतों पर ही रहता हूं. सांपों से बचने के लिए मैं खेत की मेड़ पर फॉरेट दवाई का छिड़काव करता हूं. इस दवाई की तेज गंध के कारण सांप खेत के आसपास भी नहीं फटकते.

फॉरेट दवाई कैसे करती है काम

पप्पू ने बताया फॉरेट दवाई को कभी भी फसल के बीच या खेत के अंदर नहीं डालना चाहिए. इसे केवल खेत की मेड़ पर ही छिड़कना चाहिए. अगर इसे फसल में डाल दिया जाए तो सब्जियां और दूसरी फसलें जहरीली हो सकती हैं. मेड़ पर डालने से इसकी गंध दूर तक फैलती है जिससे सांप खेत में आने से बचते हैं.

क्या है कीमत

पप्पू ने बताया इस दवाई का असर करीब एक सप्ताह तक बना रहता है. बाजार में इसका एक पैकेट लगभग 100 रुपये में मिल जाता है. यह पाउडर के रूप में आता है और इस्तेमाल में भी आसान है. मैं पिछले दो सालों से इसका उपयोग कर रहा हूं और मुझे इससे काफी फायदा मिला है.

कीड़े-मकोडे भी भागते हैं दूर

पप्पू ने बताया सिर्फ सांप ही नहीं फॉरेट दवाई खेतों में मौजूद कीड़े-मकोड़ों को भी दूर रखती है. वहीं फसलों के बीच उगने वाली घास को खत्म करने के लिए मैं सरकासुपर नाम की दवाई का इस्तेमाल करते हैं. इससे अनचाही घास सूख जाती है और फसल को बढ़ने के लिए बेहतर जगह मिलती है.

जहरीली होती है फॉरेट

हालांकि, फॉरेट दवाई बेहद जहरीली होती है. पप्पू ने बताया इसका इस्तेमाल करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए. अगर हाथ या शरीर पर कहीं घाव हो तो दवाई बिल्कुल नहीं लगनी चाहिए. छिड़काव करते समय हाथों में दस्ताने या पन्नी जरूर पहननी चाहिए. लापरवाही भारी पड़ सकती है. पप्पू ने यह भी बताया बरसात के मौसम में भी यह दवाई असरदार रहती है. बारिश के बाद भी यह मिट्टी में मिलकर अपना असर बनाए रखती है. यही वजह है कि फरीदाबाद के किसान दिन-रात निडर होकर अपने खेतों में काम कर पाते हैं.

About the Author

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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