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देश में जलवायु परिवर्तन के असर को लेकर एक नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अध्ययन में गंभीर संकेत सामने आए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार आने वाले 20 वर्षों में भारत में हर साल 15 से 40 तक अधिक अत्यधिक गर्म दिन बढ़ सकते हैं। 

यह जानकारी ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) की तरफ से विकसित नए क्लाइमेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म जलवायु लचीलापन विश्लेषण और विजुअलाइजेशन इंटेलिजेंस सिस्टम (क्रेविस) से मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, 1981 से 2010 की जलवायु स्थिति की तुलना में भारत के कई हिस्सों में न सिर्फ गर्म दिन बढ़ेंगे, बल्कि हर साल 20 से 40 अतिरिक्त गर्म रातें भी देखने को मिल सकती हैं।

इसके साथ ही भारी बारिश की घटनाओं में भी लगातार बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। अध्ययन में कहा गया है कि महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गर्मी और भारी बारिश दोनों में ज्यादा तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। क्रेविस प्लेटफॉर्म पिछले 40 वर्षों के जलवायु डेटा का विश्लेषण करके भविष्य के अनुमान तैयार करता है। 

यह सिस्टम 2030 से 2070 तक के मौसम पैटर्न का आकलन कर सकता है और जिलों के स्तर तक जानकारी प्रदान करता है। सीईईडब्ल्यू के सीईओ अरुणाभ घोष ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य जलवायु डेटा को सिर्फ रिसर्च तक सीमित न रखकर नीति निर्माण और प्रशासनिक फैसलों में उपयोगी बनाना है।

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