-धार्मिक आयोजन समाज को जोडऩे का सशक्त माध्यम: पार्षद कुसुम गोयल
-परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रद्धालुओं ने निभाई धार्मिक विरासत
-सामूहिक भक्ति से मजबूत हुआ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कौशांबी स्थित राधा कृष्णा लेन सोसायटी में धार्मिक आस्था, भक्ति और सामुदायिक एकता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब बुधवार को सोसायटी निवासियों द्वारा पारंपरिक सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण छाया रहा और भगवान श्रीराम व हनुमान जी के जयकारों से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
इस धार्मिक आयोजन की विशेष बात यह रही कि इसकी शुरुआत वर्षों पहले समाजसेवी देवेंद्र भार्गव की धर्मपत्नी शशि भार्गव तथा स्वर्गीय जीडी शर्मा की पत्नी संतोष शर्मा द्वारा की गई थी। उनके द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी राधा कृष्णा लेन के निवासियों द्वारा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह सुंदरकांड पाठ अब सोसायटी की धार्मिक पहचान बन चुका है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भंडारे की भी व्यवस्था की गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद कुसुम गोयल एवं पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने आयोजन में भाग लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। क्षेत्रीय पार्षद कुसुम गोयल ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक सुंदरकांड पाठ न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि पड़ोसियों और समाज के लोगों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे को भी मजबूत करता है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जोडऩे का कार्य करती हैं। पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता ही किसी भी क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है और इस प्रकार के कार्यक्रम सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
सोसायटी के निवासियों ने बताया कि सुंदरकांड का यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक मिलन का अवसर भी बन गया है, जहां सभी वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के एकत्र होकर भक्ति में लीन होते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन की सफलता में सोसायटी के सभी निवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। श्रद्धा, सेवा और सहयोग की भावना के साथ संपन्न हुआ यह सुंदरकांड पाठ क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और सामाजिक एकता का संदेश देकर समाप्त हुआ। राधा कृष्णा लेन में आयोजित यह कार्यक्रम एक बार फिर साबित कर गया कि जब समाज एकजुट होकर परंपराओं को आगे बढ़ाता है, तो धार्मिक आयोजन जनसंपर्क और सामाजिक सद्भाव का मजबूत आधार बन जाते हैं।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



