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-450 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, आठ फ्लैट आग की चपेट में आए
-17 दमकल गाडिय़ों और हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म की मदद से पाया गया काबू
-डीएम समेत प्रशासनिक अमला मौके पर, प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम के अभय खंड-2 स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे टावर डी ब्लॉक की नौवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आग नौवीं मंजिल से बढ़ते हुए बारहवीं मंजिल तक पहुंच गई। इस भीषण अग्निकांड में कुल आठ फ्लैट प्रभावित हुए, जबकि लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया। हालांकि समय रहते रेस्क्यू अभियान चलाकर करीब 450 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग लगते ही पूरी सोसायटी में हड़कंप मच गया। ऊपरी मंजिलों से उठता धुआं करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। फ्लैटों में मौजूद लोगों ने जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलना शुरू किया। आरडब्ल्यूए सदस्यों और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घर-घर जाकर लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। एहतियातन टावर की बिजली और गैस लाइन तुरंत बंद कर दी गई, जिससे आग और फैलने से रोकी जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

शुरुआती दौर में दमकल कर्मियों को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा क्योंकि फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां भवन के बिल्कुल पास तक नहीं पहुंच सकीं। संकरी जगह और पार्किंग व्यवस्था के कारण दमकल वाहनों को संचालन में दिक्कत हुई, जिसके चलते आग तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला। आग ऊपरी मंजिलों पर होने के कारण पानी सीधे प्रभावित फ्लैटों तक नहीं पहुंच पा रहा था। इसके बाद हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म और लिफ्ट की सहायता से दमकलकर्मी ऊंचाई तक पहुंचे और आग बुझाने का अभियान तेज किया गया। करीब 17 दमकल गाडिय़ों की मदद से लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। सुबह करीब 10:45 बजे आग बुझा दी गई और इसके बाद कूलिंग का कार्य शुरू किया गया। आग के दौरान धुएं के कारण दो बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

हालांकि प्रभावित फ्लैटों में रखा अधिकांश सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के दौरान फ्लैटों के अंदर से कई बार धमाकों जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सोसायटी के निवासी अपने परिवारों के साथ नीचे खुले क्षेत्र में एकत्र होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते रहे। बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल साफ देखा गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह एसी में शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि प्रशासन ने वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, एडीएम वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित समेत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। जिलाधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को क्षति का विस्तृत आकलन करने तथा प्रभावित परिवारों को शासन की नीतियों के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है और राहत एवं सहायता में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि बहुमंजिली इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट ने बताया कि आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से राहत अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है। इस बीच इंदिरापुरम स्थित बहुमंजिली आवासीय भवन में लगी भीषण आग की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला पूरी सक्रियता के साथ राहत कार्यों में जुटा रहा।

प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, अस्थायी व्यवस्था और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए टीमों को लगाया गया। इस घटना ने एक बार फिर बहुमंजिली आवासीय सोसायटियों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऊंची इमारतों में नियमित फायर ऑडिट, पर्याप्त फायर एक्सेस और सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य जांच बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि हाईराइज इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम का सक्रिय रहना किसी बड़े हादसे को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाता है। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। आग बुझने के बाद सोसायटी में कूलिंग और सुरक्षा निरीक्षण का कार्य जारी है। हादसे के बाद सोसायटीवासियों में दहशत जरूर है, लेकिन राहत की बात यह है कि समय रहते बचाव अभियान चलाए जाने से एक बड़ी जनहानि टल गई और सैकड़ों लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।

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