Image Slider

Last Updated:

Viral Desi Wedding Video: राजस्थान की शादियों में अक्सर हाथी-घोड़े और महंगी गाड़ियाँ दिखती हैं, लेकिन इस बार 85 ट्रैक्टरों के अनोखे काफिले ने सबका ध्यान खींचा. एक किसान पुत्र ने अपनी बारात को यादगार बनाने के लिए लग्जरी कारों के बजाय ट्रैक्टरों को चुना. सबसे खास बात यह रही कि दूल्हा खुद ट्रैक्टर चलाकर अपने ससुराल पहुँचा. ग्रामीण परिवेश और ‘देसी स्वैग’ से लबरेज इस बारात को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. परंपरा और किसान संस्कृति का सम्मान करती यह अनोखी बारात अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रही है.

ख़बरें फटाफट

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर में शादियों का रंग इस बार कुछ अलग ही नजर आया. यहां एक ऐसी अनोखी बारात निकली, जिसने परंपरा, संस्कृति और किसान जीवन की पहचान को एक साथ जीवंत कर दिया. लग्जरी कारों और बसों की जगह ट्रैक्टरों पर सवार होकर बाराती दुल्हन लेने पहुंचे, तो हर कोई इस दृश्य को देखकर हैरान रह गया.

सरपंच हेतराम जाखड़ ने बताया कि यह अनोखी बारात श्रीडूंगरगढ़ के रीड़ी गांव से सालासर तक निकाली गई. करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस बारात में लगभग 85 ट्रैक्टर शामिल थे. ट्रैक्टरों की इतनी लंबी कतार थी कि बारात करीब एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी नजर आई. रास्ते में जहां-जहां से यह काफिला गुजरा, वहां लोग रुककर इस नजारे को देखने लगे, मोबाइल कैमरों में वीडियो कैद करते रहे और आपस में चर्चा करते नजर आए.

किसानों की मेहनत और गर्व को दर्शा रहा
इस शादी की खास बात यह रही कि दूल्हा खुद ट्रैक्टर चलाकर ससुराल पहुंचा. ट्रैक्टरों को रंग-बिरंगे कपड़ों, फूलों और झालरों से सजाया गया था, जिससे पूरा माहौल किसी उत्सव से कम नहीं लग रहा था. बारात में शामिल हर ट्रैक्टर अपनी अलग पहचान बना रहा था और किसानों की मेहनत और गर्व को दर्शा रहा था.

अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर बारात में शामिल
दूल्हे के पिता किसान खियानाथ ने बताया कि उनके दो बेटों पूनमनाथ और रामुनाथ की शादी 26 अप्रैल को थी. परिवार और गांव के लोगों ने मिलकर यह निर्णय लिया कि जब ससुराल पास ही है, तो बस या महंगी गाड़ियों के बजाय ट्रैक्टरों से ही बारात निकाली जाए. इस निर्णय को गांव के किसानों ने पूरे उत्साह के साथ अपनाया और बड़ी संख्या में अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर बारात में शामिल हुए. इस बारात में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं और बच्चे भी ट्रैक्टरों पर सवार होकर शामिल हुए. पूरा गांव मानो एक साथ इस खुशी के मौके का हिस्सा बन गया. ढोल-नगाड़ों की धुन, हंसी-खुशी और ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट ने माहौल को और भी खास बना दिया.

किसान जीवन का शानदार उदाहरण
इस तरह की ट्रैक्टर बारातें अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. लोग इन वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं और इसे देसी संस्कृति और किसान जीवन का शानदार उदाहरण बता रहे हैं. यह अनोखी पहल न केवल खर्च को कम करने का तरीका है, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी पहचान पर गर्व करने का भी संदेश देती है.

About the Author

authorimg

Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||