Image Slider

Last Updated:

किसान इस समय आधुनिक तरीके से फसलों और पेड़ों की सिंचाई कर रहे हैं, जिससे पानी की बचत हो रही है. वहीं उद्यान विभाग की ओर से लगातार किसानों को जागरुक भी किया जा रहा है. लगातार किसान अब ड्रिप इरिगेशन सिस्टम की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम टपक सिंचाई एक आधुनिक तकनीक बनकर उभर रही है जो न सिर्फ पानी की बचत करती है बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को बढ़ाती है. जनपद के कई इलाके में किसान इस तकनीक को अपनाकर बेहतर लाभ कमा रहे हैं.

लखीमपुर खीरीः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान इस समय आधुनिक तरीके से फसलों और पेड़ों की सिंचाई कर रहे हैं, जिससे पानी की बचत हो रही है. वहीं उद्यान विभाग की ओर से लगातार किसानों को जागरुक भी किया जा रहा है. लगातार किसान अब ड्रिप इरिगेशन सिस्टम की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम टपक सिंचाई एक आधुनिक तकनीक बनकर उभर रही है जो न सिर्फ पानी की बचत करती है बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को बढ़ाती है. जनपद के कई इलाके में किसान इस तकनीक को अपनाकर बेहतर लाभ कमा रहे हैं.

क्या है ड्रिप इरिगेशन सिस्टम

ड्रिप इरिगेशन सिस्टम माइक्रो सिंचाई प्रणाली हैं. जिसमें पाइप ड्रिपर छोटे छिद्र ,वाल्व और फिल्टर की मदद से पानी की बूंद बूंद करके सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचना है इस तकनीक में पानी को नियमित तरीके से दिया जाता है जिसे पेड़ों को जितनी जरूरत होती है उतना ही पानी मिलता है यह परंपरागत सिंचाई पद्धतियों जैसे नहरिया बढ़ सिंचाई से पूरी तरह अलग होती है क्योंकि इसमें पानी का अपव्यय नहीं होता है.

ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के तरीके से सिंचाई करने से खरपतवार की समस्या से राहत मिलती है क्योंकि पानी सिर्फ पौधों की जड़ तक ही पहुंचता है इसलिए खेत की बाकी हिस्सों में नमी नहीं रहती है जिससे खरपतवार कम उगते हैं और किसानों को निराई गुड़ाई पर कम खर्च करना पड़ता है.

दवा का कर सकते हैं छिड़काव

बातचीत करते हुए रविंद्र सिंह बताते हैं कि ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के माध्यम से पौधे को पर्याप्त मात्रा में जितना पानी की जरूरत होती है उतना ही पानी दिया जाता है जिससे पानी की बचत होती है और पौधे की ग्रोथ अधिक होती है. जनपद खीरी में लगातार अब किसान बागवानी की ओर प्रेरित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर बागवानी में सबसे अधिक ड्रिप इरिगेशन सिस्टम की जरूरत होती है. ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के माध्यम से हम कीटनाशक दावों का प्रयोग कर सकते हैं जिससे पौधे की जड़ों तक कीटनाशक दवाई पहुंच जाती हैं.

ड्रिप सिस्टम के रखरखाव के टिप्स

ड्रिप इरिगेशन सिस्टम को लंबे समय तक सुचारू रूप से चलाने के लिए नियमित देखभाल जरूरी है। फिल्टर की सफाई समय-समय पर करनी चाहिए ताकि ड्रिपर जाम न हों। पाइपलाइन में किसी तरह का लीकेज हो तो उसे तुरंत ठीक करना चाहिए। इसके अलावा पानी की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि गंदा पानी सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है. जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ड्रिप इरिगेशन सिस्टम को लगवाने के लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है, जिससे किसान आसानी से अपने खेतों में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगवा लें. जिससे पानी की बचत हो सके इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है. 80 से लेकर 90% तक अनुदान दिया जा रहा है.

About the Author

authorimg

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||