दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की रिलीज रोकने वाली याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है. कोर्ट का यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा जी5 प्लेटफॉर्म को जारी की गई उस एडवाइजरी के बाद आया है, जिसमें सीरीज को रिलीज न करने की सलाह दी गई थी. जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने साफ कहा कि जब तक सरकार की इस सलाह को चुनौती नहीं दी जाती, तब तक निर्माता इसे रिलीज नहीं कर पाएंगे. हालांकि, भविष्य में नाम बदलकर रिलीज करने की आशंका पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फिर से कानूनी विकल्प अपनाने की छूट दी है.
सरकार की मंजूरी के बिना डॉक्यूमेंट्री रिलीज नहीं होगी
नई दिल्ली: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी पर बनने वाली डॉक्यूमेंट्री ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल थम गया है. 27 अप्रैल 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है. दरअसल, केंद्र सरकार ने जी5 प्लेटफॉर्म को एक खास सलाह जारी की थी, जिसमें इस सीरीज को रिलीज न करने के लिए कहा गया था. इसी वजह से जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने माना कि अब इस केस में आगे की कार्यवाही की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार के कदम के बाद इसे फिलहाल रिलीज नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि जब तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इस सलाह को चुनौती नहीं दी जाती या इसे हटाया नहीं जाता, तब तक प्रोड्यूसर्स इस सीरीज को नहीं दिखा पाएंगे. लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से दायर याचिका का मकसद उसकी जिंदगी पर आधारित फिल्म या डॉक्यूमेंट्री को रोकना था. सरकार के हस्तक्षेप के बाद कोर्ट ने इस पूरे कानूनी प्रोसेस को फिलहाल के लिए खत्म कर दिया है. यह फैसला उन चिंताओं को देखते हुए लिया गया है जो समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी हो सकती हैं.
बिना सरकारी मंजूरी के मुमकिन नहीं रिलीज
हालांकि, लॉरेंस के वकील ने कोर्ट में अपनी एक खास चिंता भी जताई. उन्होंने शक जताया कि निर्माता शायद भविष्य में इस डॉक्यूमेंट्री का नाम या किरदारों की पहचान बदलकर इसे दोबारा रिलीज करने की कोशिश कर सकते हैं. इस पर कोर्ट ने बहुत ही साफ बात कही. जस्टिस कौरव ने कहा कि अगर आगे चलकर ऐसा कुछ होता है और फिल्म को किसी दूसरे रूप में लाने की कोशिश की जाती है, तो याचिकाकर्ता उस वक्त दोबारा कानूनी रास्ता अपना सकता है. फिलहाल के लिए रास्ता साफ है कि बिना सरकारी मंजूरी के यह डॉक्यूमेंट्री पर्दे पर नहीं आएगी.
अपराधियों के महिमामंडन का आरोप
डॉक्युमेंट्री सीरीज गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की विवादित जिंदगी को बयां करती है, जिस पर सिद्धु मूसेवाला की हत्या में शामिल होने का आरोप है. सरकार ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ सीरीज पर बैन लगाया हुआ था. यह सीरीज जी5 पर आज 27 अप्रैल को रिलीज होनी थी. दरअसल, सरकार को डर है कि इससे हिंसा और गैंग कल्चर बढ़ सकता है. राजनेताओं और पुलिस ने भी इसकी आलोचना की है. उनका मानना है कि यह अपराधियों का महिमामंडन करती है.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
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