राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दी। आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा, ‘भाजपा ने अशोक मित्तल पर छापे पड़वाए थे। भाजपा ने कहा था कि वे बहुत भ्रष्ट हैं। आज अशोक मित्तल भाजपा में चले गए हैं।
संजय सिंह ने कहा, ‘सातों सांसदों ने जो विलय का पत्र दिया है, चेयरमैन ने उसका संज्ञान लिया है। मैंने उन्हें पत्र लिखा है कि संविधान की 10वीं अनुसूचि के मुताबिक इनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि वे इस पर फैसला देंगे। अभी तक चेयरमैन साहब की ओर से हमारी याचिका पर सुनवाई नहीं हुई है।’
#WATCH Delhi: On the merger of 7 AAP MPs with BJP, AAP MP Sanjay Singh says, ” This decision of the Rajya Sabha Chairman is based on the letter from the 7 MPs to merge with the BJP. But when the Chairman will take congnizance of my letter, which states that the membership of… pic.twitter.com/Rw4f7cXpZM
— ANI (@ANI) April 27, 2026
बता दें कि राज्यसभा के सभापति ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भाजपा में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप की स्थिति कमजोर हो गई है। संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सातों सांसदों को अब भाजपा सदस्य के रूप में सूचीबद्ध कर दिया गया है, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
कैसे हुआ इन सांसदों का विलय?
सूत्रों के अनुसार, इन सभी सांसदों ने शुक्रवार को सभापति को पत्र देकर स्वयं को भाजपा का हिस्सा मानने की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। आप के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि इन सात सांसदों ने पार्टी पर उसके मूल सिद्धांतों और विचारधारा से भटकने का आरोप लगाते हुए भाजपा में शामिल होने का फैसला किया था।
वहीं दूसरी ओर, आप ने रविवार को सभापति के समक्ष याचिका दायर कर इन सातों सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इन सांसदों के दल-बदल को लेकर अयोग्यता की मांग उठाई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर राघव चड्ढा ने दिया जवाब
राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने के फैसले पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपने निर्णय के पीछे की वजह बताई। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, ‘कुछ लोग मेरे इस फैसले के पीछे क्या कारण है उस बारे में पूछ रहे हैं। मैं अपने करियर को बनाने के लिए नहीं बल्कि करियर छोड़कर राजनीति में आया था। आम आदमी पार्टी अब उन लोगों के हाथों में फंसकर रह गई है जो कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रहे हैं। हम कुल सात सांसदों ने फैसला लिया था कि हम इस राजनीतिक दल को छोड़ दें। मैं आप सभी की समस्याओं को और अधिक मेहनत के साथ उठाऊंगा और उसके निवारण पर भी काम कर पाऊंगा।’
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