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Aaj Ka Mausam Live: देशभर में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है. कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है. लोग लू और तपिश से बेहाल हैं. लेकिन अब मौसम करवट लेने वाला है. ये जो लू है ना वह अब तूफान और बारिश के सामने सरेंडर करने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान इसे सच साबित करते नजर आ रहे हैं. अगले 12 घंटे में मौसम तेजी से बदल सकता है. पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. हवा का रुख बदल रहा है और नमी बढ़ रही है. इससे आंधी, बारिश और तूफान का दौर शुरू होगा. राहत भी मिलेगी लेकिन खतरे भी साथ आएंगे. यह बदलाव अचानक होगा. इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.

मौसम विभाग के अनुसार भूमध्य सागर से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत में सक्रिय हो चुके हैं. ये सिस्टम गर्मी की लंबी लहर को तोड़ते हैं. यही वजह है कि अचानक तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बारिश देखने को मिलती है. 27 अप्रैल की शाम से ही असर दिखना शुरू होगा. 28 से 30 अप्रैल के बीच इसका प्रभाव और बढ़ेगा. कई राज्यों में तेज गर्जना, बिजली और ओलावृष्टि की भी संभावना है. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि यह बदलाव राहत देगा, लेकिन इसके साथ खतरे भी होंगे.
बिहार में मौसम इस समय दो अलग-अलग रूपों में देखने को मिलेगा. (फाइल फोटो PTI)
  • देश में गर्मी का कहर पिछले कई दिनों से जारी है. उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोग हीटवेव का सामना कर रहे हैं. दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही है. ऐसे में अचानक मौसम बदलने की खबर लोगों के लिए राहत लेकर आई है. लेकिन यह राहत पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. क्योंकि तेज हवाएं, बिजली और ओले फसलों और जनजीवन को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से स्थिति और जटिल हो गई है. निचले क्षोभमंडल में बन रहे इन सिस्टम्स से नमी तेजी से बढ़ रही है. यही कारण है कि कई राज्यों में एक साथ आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम का यह पैटर्न प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत भी माना जा रहा है. यानी मई से पहले ही मानसून जैसा माहौल बनने लगा है.

दिल्ली-NCR में बदलेगा मिजाज

दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलता हुआ नजर आएगा, लेकिन यह बदलाव धीरे-धीरे और दो चरणों में दिखेगा. दिन के समय तेज धूप और भीषण गर्मी लोगों को परेशान करेगी. अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, इससे लू का असर साफ महसूस होगा. दोपहर के समय गर्म हवाएं चलेंगी, जो शरीर को झुलसा देने वाली होंगी. हालांकि शाम होते-होते मौसम करवट लेगा. आसमान में बादल छाने लगेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है. गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इस दौरान धूल भरी आंधी भी चल सकती है, जिससे विजिबिलिटी कम होगी और ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है. ऐसे में लोगों को खासकर शाम के समय सावधान रहने की जरूरत है और बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचना चाहिए.

उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में 28 अप्रैल से मौसम पूरी तरह बदलने के संकेत मिल रहे हैं. राज्य के कई हिस्सों में अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ जाएगा. तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट जरूर आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी. लेकिन इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, जो जानलेवा साबित हो सकता है. ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. खुले मैदान में खड़े रहने से बचना चाहिए और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है.

मौसम विभाग के अनुसार भूमध्य सागर से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत में सक्रिय हो चुके हैं.

बिहार में दो हिस्सों में बंटा मौसम

बिहार में मौसम इस समय दो अलग-अलग रूपों में देखने को मिलेगा. राज्य के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा, जबकि अन्य इलाकों में बारिश और आंधी का असर दिखाई देगा. पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और आसपास के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो काफी नुकसानदायक साबित हो सकती हैं. कई जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है. वहीं आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहें.

राजस्थान में राहत और खतरा साथ-साथ

राजस्थान में मौसम का स्वरूप थोड़ा जटिल रहने वाला है, जहां राहत और खतरा दोनों एक साथ देखने को मिलेंगे. 27 से 29 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके साथ ही तेज हवाएं भी चलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. लेकिन इसके बावजूद कुछ इलाकों में लू का असर बना रहेगा, खासकर पश्चिमी राजस्थान में. दिन में गर्मी परेशान करेगी और शाम को मौसम बदल सकता है. तेज हवाओं के कारण धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है. किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बारिश और हवाएं खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

मध्य प्रदेश में तेज मौसम गतिविधियां

मध्य प्रदेश में 27 से 29 अप्रैल के बीच मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. तेज हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है. तापमान में गिरावट जरूर आएगी, लेकिन मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा. कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. ऐसे में लोगों को मौसम के हर अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है और सावधानी बरतनी चाहिए.

पंजाब और हरियाणा में बदलेगा मौसम

  • पंजाब में 27 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इससे गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान का खतरा भी बना रहेगा. खासकर गेहूं की कटाई के समय यह मौसम किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकता है.
  • हरियाणा में भी लगभग यही स्थिति देखने को मिलेगी. पानीपत, सोनीपत, भिवानी और फरीदाबाद जैसे इलाकों में आंधी और बारिश का असर दिखाई देगा. हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम खराब होने पर घरों में ही रहें.

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में अलर्ट

  • जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे यात्रा करने वालों को परेशानी हो सकती है.
  • हिमाचल प्रदेश में 28 से 30 अप्रैल के बीच मौसम सक्रिय रहेगा. शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा जैसे क्षेत्रों में बारिश की संभावना है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ सकती है. तेज हवाएं चलने से हालात और कठिन हो सकते हैं.
  • उत्तराखंड में भी 26 से 28 अप्रैल के बीच मौसम बिगड़ने की संभावना है. चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे इलाकों में बारिश और आंधी का असर दिखेगा. बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. यात्रियों और तीर्थयात्रियों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोग हीटवेव का सामना कर रहे हैं.

दक्षिण भारत में प्री-मानसून की आहट

दक्षिण भारत में मौसम एक अलग ही रुख दिखा रहा है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. यह स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों की ओर इशारा करती है, जो आने वाले मानसून का संकेत होती है. तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, कुछ जगहों पर उमस बढ़ सकती है, जिससे परेशानी भी हो सकती है.

पूर्वोत्तर में भारी बारिश और तूफान

पूर्वोत्तर भारत में मौसम पहले से ही सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह और भी तेज हो सकता है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की आशंका है. कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं. आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं. लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें.

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस क्या होता है?

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक मौसम प्रणाली है जो भूमध्य सागर से उत्पन्न होती है. यह भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पहुंचकर बारिश, बर्फबारी और आंधी लाती है. गर्मी के समय यह हीटवेव को तोड़ने में अहम भूमिका निभाती है.

आंधी-तूफान के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

आंधी-तूफान के दौरान सबसे जरूरी है सुरक्षित स्थान पर रहना. खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों. घर के अंदर रहें और खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें. मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें. अगर बाहर हैं तो किसी मजबूत इमारत में शरण लें. वाहन चला रहे हैं तो सुरक्षित जगह पर रोक दें.

बिजली गिरने से कैसे बचा जा सकता है?

बिजली गिरने के समय खुले में रहना सबसे बड़ा खतरा होता है. छाता, धातु की चीजें और पानी से दूर रहें. पेड़ों के नीचे खड़े न हों. यदि आप खुले में फंस गए हैं, तो जमीन पर झुककर बैठ जाएं लेकिन लेटें नहीं. घर के अंदर रहें और बिजली के उपकरणों को बंद कर दें.

क्या इस मौसम बदलाव से स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा?

हां, अचानक मौसम बदलने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन धूल भरी आंधी और नमी बढ़ने से सर्दी-खांसी, एलर्जी और सांस की समस्या हो सकती है. बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. पर्याप्त पानी पिएं और हल्का भोजन करें.

क्या यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?

आंधी-तूफान के दौरान यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है. तेज हवाओं और बारिश के कारण दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. यदि जरूरी न हो तो यात्रा टाल दें. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा भी रहता है, इसलिए यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें.

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