बीट इंचार्ज के साथ खूफिया विभाग भी फेल
लोगों का आरोप है कि सलीम वास्तिक पर हमले के बाद बीट इंचार्ज और खूफिया विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को हत्यारोपी की कुंंडली खंगालनी चाहिए थी, लेकिन हर स्तर पर लापरवाही हुई।
जानलेवा हमले के बाद चर्चा में आया वास्तिक
वर्ष 2010 में सलीम गाजियाबाद के लोनी में स्थायी रूप से बस गया। यहां उसने सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक के रूप में नई पहचान बनाई। पूर्व में उसका नाम सलीम खान था। लोनी में सलीम ने महिलाओं के कपड़ों व अन्य सामानों की दुकान खोली। साथ ही जैकेट के आयात-निर्यात का कारोबार शुरू किया।
इसी दौरान उसने ‘सलीम वास्तिक एक्स मुस्लिम’ नाम से यूट्यूब चैनल भी शुरू किया। यूट्यूब चैनल पर सलीम धार्मिक मुद्दों और रूढ़िवादी प्रथाओं पर विचार रखता था। उसने कट्टरता व कुरीतियों की आलोचना करने वाले कई वीडियो और पॉडकास्ट साझा किए थे। पहलगाम हमले का विरोध और ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन को लेकर भी वह चर्चा में रहा।
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