Sultanpur News: सुल्तानपुर के गोमती नदी किनारे स्थित कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बारे में, जहां के पढ़े हुए छात्र आज देश में कई बड़े इंजीनियरिंग कंपनियों में सेवा दे रहे हैं, तो आइए जानते हैं क्या है कमला नेहरू इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी का इतिहास और अभी तक की उपलब्धियां.
हम बात कर रहे हैं सुल्तानपुर के गोमती नदी किनारे स्थित कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बारे में, जहां के पढ़े हुए छात्र आज देश में कई बड़े इंजीनियरिंग कंपनियों में सेवा दे रहे हैं, तो आइए जानते हैं क्या है कमला नेहरू इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी का इतिहास और अभी तक की उपलब्धियां.
इस समय हुई स्थापना
KNIT के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव कुमार उपाध्याय कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सुल्तानपुर में स्थित एक राष्ट्रीय स्तर का संस्थान है. इसकी स्थापना बाबू केदारनाथ सिंह की ओर से साल 1976 में की गई थी. केएनआईटी सुल्तानपुर का वो संस्थान है, जिसने सुल्तानपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है.
इसकी स्थापना कमला नेहरू मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से साल 1976 में प्रौद्योगिकी संकाय के रूप में की गई थी, लेकिन साल 1979 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे 1979 में पूर्ण विकसित इंजीनियरिंग संस्थान विकसित करने के उद्देश्य से इसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया.
तकनीक का बेहतर संस्थान
साल 1983 में इसे एक अलग संस्था के रूप में रजिस्टर्ड किया गया और इसका नाम बदलकर कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान कर दिया गया. यह संस्थान क्षेत्र के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में से एक है और विश्व के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरों के समान कौशल वाले उच्च श्रेणी के इंजीनियरों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है. यहां पर देश के अलग-अलग राज्यों के छात्र तकनीक की बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.
अन्य राज्यों से आते हैं छात्र
कमला नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी संस्थान में सिर्फ सुल्तानपुर और आसपास के जिलों के ही छात्र अध्ययन के लिए नहीं आते, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य राज्यों से भी बाहर के छात्र यहां पर बीटेक की पढ़ाई करने के लिए आते हैं. सुल्तानपुर जैसे छोटे जिले में इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के संस्थान का होना यहां के लोगों को गर्व की अनुभूत करता है.
यहां पर एक विशेष योजना के तहत जम्मू कश्मीर और लद्दाख के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. यहां से पढ़े हुए कई छात्र आज देश की बड़ी कंपनियों में बतौर इंजीनियर काम कर रहे हैं. यहां तक कि विदेश में भी यहां के छात्र अपना परचम लहरा रहे हैं.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



