करण जौहर इन दिनों अपनी फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ की रिलीज के तैयारी कर रहे हैं. लक्ष्य लालवानी और अनन्या पांडे स्टारर रोमांटिक फिल्म जल्द ही रिलीज होने वाली है. फिल्म के गानों को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है.
नई दिल्ली. ‘चांद मेरा दिल’ में अनन्या पांडे और लक्ष्य लालवानी पहली बार साथ नजर आने वाले हैं. दोनों की फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह है. करण जौहर जल्द ही एक नई तरह की प्रेम कहानी लेकर आ रहे हैं. रोमांटिक फिल्में बनाने वाले फिल्ममेकर ने इन दिनों सिनेमा में बढ़ते टॉक्सिक मेल कैरेक्टर की आलोचना की है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
करण जौहर कहते हैं कि इन दिनों बॉलीवुड में टॉक्सिक कैरेक्टर बढ़ते जा रहे हैं. फिल्मों में एक चलन है जिसमें सभी हीरो एल्फा मेल बनने की होड़ में हैं. इस वक्त ‘बड़ी एल्फा’ एनर्जी और टेस्टोस्टेरोन से भरी कहानियों के दौर से गुजर रहा है, जहां पुरुष किरदारों को अक्सर आक्रामकता, स्वैग और स्लो मोशन वाले सीन के इर्द-गिर्द गढ़ा जाता है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
द वीक से बातचीत में करण ने कहा कि इंडस्ट्री अक्सर वही दोहराती है, जो बॉक्स ऑफिस पर चल रहा है. उनके मुताबिक, अगर एक तरह की फिल्म हिट हो जाती है, तो उसी जैसी कई फिल्में जल्दी ही बन जाती हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
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करण जौहर का मानना है कि इंडस्ट्री में अगर कोई एक फिल्म बन जाती है और वो फिल्म हिट निकलती है तो फिर सभी फिल्में उसी पैटर्न पर बनती हैं. हर कोई एक तय पैटर्न पर फिल्में बनाकर क्रेडिट लेना चाहता है. वो कहते हैं,अगर एक फिल्म किसी खास जोन में चल जाती है, तो ऐसी 10 और बनेंगी. तो आप देखेंगे कि 10 और हाई ऑक्टेन टेस्टोस्टेरोन फिल्में आएंगी, जिनमें मर्द बिना किसी वजह के स्लो मोशन में चलते रहेंगे’. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
वो आगे कहते हैं, ‘वो मेल कैरेक्टर कहीं जा नहीं रहे होंगे, लेकिन उसी अंदाज में चलेंगे, सबकी दाढ़ी होगी और सब सिगरेट पिएंगे. शायद मर्दों को लगता है कि महिलाएं यही देखना पसंद करती हैं’. उनका ये कमेंट ऐसे समय आई है जब कई मेनस्ट्रीम हिंदी फिल्मों में माचो, हिंसक, एल्फा-मेल कहानियों का बोलबाला है, जिनमें पुरुषों का गुस्सा और शारीरिक ताकत कहानी के केंद्र में होती है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
करण जौहर ने कहा कि वो हमेशा से फेमिनिस्ट रहे हैं. फिल्ममेकर ने अपनी फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ के एक सीन के बारे में भी खुलकर बात की. वो कहते हैं कि उन्होंने अपनी फिल्म में लड़कों को कथक करते दिखाया था जिसपर कुछ लोगों ने नेगेटिव रिएक्शन दिया था. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
फिल्ममेकर के मुताबिक लड़कों को पर्दे पर डांस करता देख कुछ लोगों ने उनकी आलोचना की थी, लेकिन एक सेक्शन ऐसा था जिसने लोगों की खूब तारीफ की थी. वो कहते हैं कि यह टिप्पणी बताती है कि यह सीन सिर्फ एक म्यूजिकल सेट-पीस नहीं था, बल्कि स्क्रीन पर मर्दानगी की संकीर्ण परिभाषा को चुनौती देने की एक कोशिश भी थी. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
करण ने आगे कहा कि एक कहानीकार के तौर पर वह सिर्फ दर्शकों की पसंद के पीछे नहीं भाग सकते, अगर वह उनकी अपनी सोच के खिलाफ हो. उन्होंने कहा कि उनका काम उनकी सोच और उन कहानियों को दिखाना चाहिए, जिन्हें वह सच में कहना चाहते हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम karanjohar)
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