-गाजियाबाद में 56वीं मंथन ब्रेकफास्ट बैठक बनी औद्योगिक समन्वय का मजबूत मंच
-नई श्रम संहिता, वित्तीय समाधान और सौर ऊर्जा पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
-एमएसएमई ही देश की आर्थिक रीढ़: डॉ. नीरज सिंघल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) गाजियाबाद चैप्टर द्वारा शनिवार को संजय नगर स्थित होटल फॉर्च्यून इन ग्राजिया में आयोजित 56वीं मंथन ब्रेकफास्ट बैठक उद्योग, श्रमिक और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई। बैठक में नई श्रम संहिता 2026, वित्तीय समाधान तथा सौर हरित ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में श्रम विभाग के अधिकारियों, बैंकिंग विशेषज्ञों, ऊर्जा क्षेत्र के प्रतिनिधियों तथा शहर के 50 से अधिक उद्यमियों ने सहभागिता की। बैठक की शुरुआत व्यापार-से-व्यापार नेटवर्किंग सत्र से हुई, जिसमें उद्यमियों ने आपसी सहयोग, व्यापार विस्तार और औद्योगिक विकास को लेकर विचार साझा किए। आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के चेयरमैन संजय अग्रवाल ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल उद्योगों की वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिक कल्याण, प्रशासनिक सहयोग और तकनीकी उन्नति के माध्यम से समग्र औद्योगिक विकास सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज उद्योगों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तकनीक, कौशल विकास, श्रमिक हितों और पर्यावरण संतुलन को साथ लेकर आगे बढऩा होगा। डॉ. सिंघल ने कहा कि नई श्रम नीतियां और वित्तीय सुधार उद्यमियों के लिए अवसर लेकर आए हैं, बशर्ते उद्योग समय के साथ स्वयं को परिवर्तित करें। उन्होंने कहा कि उद्योग और श्रमिकों के बीच विश्वास तथा प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद ही सतत औद्योगिक विकास की कुंजी है। कार्यक्रम में श्रम विभाग गाजियाबाद के श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र सिंह और हंसराज की उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। अधिकारियों ने नई श्रम संहिता 2026 पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए उद्यमियों को नए नियमों और उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए नियमों के अनुसार कर्मचारियों का मूल वेतन कुल वेतन का न्यूनतम 50 प्रतिशत होना अनिवार्य होगा। कार्य व्यवस्था में लचीलापन प्रदान करते हुए 48 घंटे साप्ताहिक कार्य सीमा के भीतर चार दिन के कार्य सप्ताह का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
अधिकारियों ने बताया कि अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अब उद्यमियों को अलग-अलग रिटर्न दाखिल करने के स्थान पर एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक रिटर्न प्रणाली अपनानी होगी। साथ ही किसी कर्मचारी के सेवा समाप्ति या त्यागपत्र देने की स्थिति में दो कार्य दिवस के भीतर पूर्ण और अंतिम भुगतान अनिवार्य किया गया है। निरीक्षकों की भूमिका भी अब दंडात्मक के बजाय सहयोगात्मक होगी, जो उद्योगों को नियमों के पालन में सहायता प्रदान करेंगे। प्रश्न-उत्तर सत्र में उद्यमियों ने अपनी शंकाएं रखीं, जिनका अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। बैठक के दूसरे सत्र में वित्तीय समाधान और हरित ऊर्जा पर विशेष चर्चा हुई। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, राजनगर शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सर्जन शर्मा तथा क्लस्टर प्रमुख प्रतिष्ठा ने एमएसएमई उद्योगों के लिए बैंक की ऋण योजनाओं, कार्यशील पूंजी सहायता और वित्तीय प्रबंधन संबंधी सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं एजीएस ग्रीन रिन्यूए प्राइवेट लिमिटेड की मुख्य परिचालन अधिकारी शालिनी ने सौर हरित ऊर्जा को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकता बताते हुए कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से उद्योगों की बिजली लागत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है।
लेबर कंसल्टेंट विवेक श्रीवास्तव ने श्रम कानूनों की व्यावहारिक बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों को कानूनी अनुपालन के सरल उपाय बताए। उन्होंने कहा कि समय पर दस्तावेजी प्रक्रिया और श्रमिक हितों का ध्यान रखने से उद्योगों को दीर्घकालिक लाभ मिलता है। बैठक के दौरान आईआईए गाजियाबाद टीम द्वारा श्रम विभाग के अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों तथा अन्य गणमान्य अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल को यूनिवर्सिटी सोसाइटी इंटरलिंकेज कंसोर्टियम द्वारा ‘डॉक्टोरल स्ट्रैटम’ सम्मान से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान उन्हें एमएसएमई विकास, नीतिगत सुधारों और औद्योगिक प्रगति में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। उपस्थित सभी उद्यमियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
बैठक में एस.के. शर्मा, मनोज कुमार, प्रदीप गुप्ता, संजय बंसल, साकेत अग्रवाल, सीएस स्वरूप, राकेश अनेजा, अमित नागलिया, रमन मिगलानी, श्रृष्टि मित्तल, संदीप गुप्ता, सुभाष गुप्ता, एमएस बिष्ट, डॉ. अतुल कुमार जैन, मनोज कुमार गोयल, मदन लाल, अजय कुमार शर्मा, उमेश भट्ट, दुर्गेश कपूर, विजय गुप्ता, वाहिद खान, अजहर अली, डॉ. किरत सिंह, कपिल कुमार गुप्ता, जसपाल सिंह, मंगूराम, रजत गुप्ता, मोहित गुप्ता, अजिन थोमस, राकेश कुमार, नलिन गोयल, विनीत माहेश्वरी, विपुल सिंघल, आरएस अग्रवाल और रोहित अग्रवाल सहित अनेक उद्यमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के कोषाध्यक्ष संजय गर्ग ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के पश्चात नेटवर्किंग नाश्ते के साथ बैठक का सफल समापन हुआ। यह मंथन बैठक गाजियाबाद के औद्योगिक विकास, श्रमिक कल्याण और सतत ऊर्जा की दिशा में सामूहिक प्रयासों का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरी।
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