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  • Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh | Sandeep Pathak Swati Maliwal
नई दिल्ली2 मिनट पहले

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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई थी।

आम आदमी पार्टी (AAP) अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए राज्यसभा चेयरमैन को लेटर लिखेगी। AAP का आरोप है कि इन सांसदों का कदम असंवैधानिक है और उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए।

सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुटबाजी को मान्यता नहीं दी जाती, चाहे वह दो-तिहाई बहुमत के साथ ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची भी ऐसे किसी अलग गुट को वैध नहीं मानती।

AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से राघव चड्‌ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने शुक्रवार को BJP जॉइन कर ली थी। राघव चड्‌ढा ने कहा था कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं।

BJP में शामिल होने की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 13 लाख घटकर 14.6 मिलियन से 13.3 मिलियन रह गए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये युवा यूजर्स की प्रतिक्रिया हो सकती है।

राघव चड्ढा के पहले फॉलोवर्स

बाद में

स्वाति मालीवाल बोलीं- केजरीवाल महिला विरोधी हैं

स्वाति मालीवाल ने AAP और अरविंद केजरीवाल पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। मालीवाल ने कहा कि उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का मौका नहीं दिया गया जो बेहद शर्मनाक है।

उन्होंने केजरीवाल को महिला विरोधी, भ्रष्ट और गुंडागर्दी करने वाला नेता बताया। साथ ही पंजाब सरकार पर भी आरोप लगाया कि वहां अवैध खनन और ड्रग्स का कारोबार चरम पर है और सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है। मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने BJP किसी दबाव में नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के चलते भाजपा जॉइन की है।

विपक्ष के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

  • सौरभ भारद्वाज- BJP ऐसी पार्टियों से डरती है जो सत्ता से सवाल पूछती हैं। AAP सिर्फ सांसदों की पार्टी नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जो बिना किसी पद के भी संघर्ष करते हैं। बड़े नेताओं को ED और CBI जैसी एजेंसियों के डर से तोड़ा जा सकता है, लेकिन AAP के जमीनी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे लगातार सवाल उठाते रहेंगे।
  • कांग्रेस नेता जयराम रमेश- BJP की वॉशिंग मशीन फिर चालू हो गई है। जो नेता पहले खुद को ईमानदार और सिद्धांतवादी बताते थे, अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है।
  • संजय राउत- भाजपा बकासुर जैसी हो गई है, जिसकी भूख कभी खत्म नहीं होती। BJP किसी भी नेता को अपने साथ शामिल कर लेती है और दलबदल करने वाले नेताओं को गलत जगह पर जाने वाला बताया।
  • अन्ना हजारे- व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी बदलना सही नहीं है। जनप्रतिनिधियों को संविधान की भावना के अनुसार काम करना चाहिए और ऐसे फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।

AAP छोड़ने के बाद राघव ने कहा- मैं राइट मैन इन रॉन्ग पार्टी

राघव ने कहा कि पिछले कुछ सालों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। इसलिए आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं AAP से दूरी बना रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं। राजनीति में आने से पहले, मैं एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) था। इस मंच पर मेरे साथ अलग-अलग क्षेत्रों के लोग थे।

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राघव चड्‌ढा: राघव चड्‌ढा ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के वक्त चुप्पी साधे रखी और इलाज की बात कहकर विदेश में रहे। तब से केजरीवाल व शीर्ष नेतृत्व उनसे नाराज चल रहा था। राघव चड्‌ढा संसद में लगातार अपना काम करते रहे। हाल ही में जब पार्टी ने उन्हें डिप्टी लीडर के पद से हटाया और उनको बोलने का समय न देने की बात की। उसके बाद पार्टी के हर नेता ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला। इसी बात से वो नाराज चल रहे थे और उन्होंने पार्टी को झटका देने की योजना बनानी शुरू की।

डॉ. संदीप पाठक: संदीप पाठक को पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी गई थी। पंजाब, गोवा और गुजरात में पार्टी के विस्तार के लिए काम करते रहे। केजरीवाल को नेशनल लीडर के तौर पर प्रेजेंट करने के पीछे भी संदीप पाठक की स्ट्रेटेजी थी। संदीप पाठक पंजाब का काम देख रहे थे। दिल्ली में हार के बाद उनकी जगह मनीष सिसोदिया को पंजाब की जिम्मेदारी दे दी गई। संदीप पाठक को छत्तीसगढ़ का चार्ज दिया गया। केजरीवाल ने कुछ समय से डॉ. संदीप पाठक को पार्टी की अहम बैठकों व निर्णयों से दूर रखना शुरू कर दिया था।

स्वाति मालीवाल: स्वाति मालीवाल और अरविंद केजरीवाल में सीधे लड़ाई थी। स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल के नजदीकी वैभव कुमार पर मारपीट के आरोप लगाए। मालीवाल ने कहा था कि यह सब केजरीवाल के सामने हुआ। केजरीवाल ने उसका साथ देने के बजाय वैभव कुमार का साथ दिया। वो उसी समय से पार्टी से नाराज चल रही थी। राज्यसभा में भी आम आदमी पार्टी के खिलाफ लगातार बोलती रही।

अशोक मित्तल: अशोक मित्तल को पार्टी ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया और उसके बाद उनके ठिकानों पर ईडी की रेड हुई। ईडी की रेड के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया और न ही उनके लिए कोई स्टैंड लिया। पार्टी नेताओं के इस रवैये से वो भी नाराज थे।

हरभजन सिंह: हरभजन सिंह को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सदस्य तो बनाया लेकिन उन्हें कभी पार्टी फोरम में कोई तवज्जो नहीं दी। हरभजन सिंह पार्टी की गतिविधियों में कभी शामिल नहीं हुए। यह भी चर्चा है कि अहम पदों पर नियुक्तियों में उनकी राय नहीं ली जाती थी और न ही उन्हें कुछ पूछा जाता था।

राजिंदर गुप्ता: राजिंदर गुप्ता पंजाब के बड़े उद्योगपति हैं। पंजाब में किसी की भी सरकार होती है तो वो हमेशा महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। सरकारें उन्हें इंडस्ट्री से जुड़े उपक्रमों में जरूर रखती हैं। आम आदमी पार्टी ने जब राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिमी से उपचुनाव लड़वाया तो उनकी ही सिफारिश पर राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा सदस्य बनाया गया। राज्यसभा में होने के बावजूद वो भी पार्टी की गतिविधियों से दूर ही रहे।

विक्रमजीत सिंह साहनी: विक्रमजीत सिंह साहनी बड़े उद्योगपति, समाज सेवी हैं। पार्टी फोरम में उन्हें भी कोई तव्वजो नहीं दी गई। यही वजह उनके पार्टी छोड़ने की रही।

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