Last Updated:
Monsoon Kab Aayega: देश में भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर सामने आई है. इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है. मौसम मॉडल्स के अनुसार अंडमान-निकोबार में 18 से 25 मई के बीच मानसून पहुंच सकता है. जबकि केरल में इसकी एंट्री 25 मई से 1 जून के बीच संभव है. अल नीनो का असर कमजोर रहने और इंडियन ओशन डाइपोल के सकारात्मक होने से मानसून मजबूत रहने की संभावना है. इससे दक्षिण भारत में अच्छी बारिश हो सकती है.
भारत में मानसून 2026 की एंट्री डेट सामने आई है. (फाइल फोटो PTI)
Monsoon Update: देश इस समय भीषण गर्मी की गिरफ्त में है. उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच चुका है. लोग राहत के लिए आसमान की ओर देख रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मानसून कब आएगा और कब यह तपती धरती ठंडी होगी. अच्छी खबर यह है कि इस बार इंतजार लंबा नहीं हो सकता. मौसम से जुड़े ताजा संकेत बता रहे हैं कि मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है. यानी छतरी और रेनकोट निकालने का वक्त उम्मीद से जल्दी आ सकता है. अगर अनुमान सही साबित हुए तो मई के आखिरी हफ्ते से ही बारिश की शुरुआत हो सकती है. यह न सिर्फ गर्मी से राहत देगा, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी राहत भरी खबर होगी.
मौसम मॉडल्स और विशेषज्ञों की मानें तो इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल तेज दिखाई दे रही है. अंडमान-निकोबार से इसकी एंट्री सामान्य से पहले हो सकती है और इसके बाद यह तेजी से केरल की ओर बढ़ेगा. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी भरी हवाएं पहले ही सक्रिय होने लगी हैं. यही वजह है कि मानसून के शुरुआती संकेत अब साफ नजर आने लगे हैं. अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह सीजन समय से पहले शुरू होकर कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश भी दे सकता है.
भारत में मानसून की शुरुआत अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से होती है.
कहां से होगी मानसून की एंट्री
- इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार मानसून हर साल सबसे पहले अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देता है. इस बार अनुमान है कि 18 से 25 मई के बीच यहां बारिश शुरू हो सकती है. इसके बाद 25 मई से 1 जून के बीच मानसून केरल पहुंच सकता है. यह सामान्य तारीख से थोड़ा पहले होगा. मौसम मॉडल्स के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मजबूत हवाएं बन रही हैं, जो भारी बारिश का कारण बन सकती हैं.
- इसके अलावा अरब सागर में भी नमी बढ़ रही है. यह संकेत है कि मानसून की रफ्तार तेज होगी. दक्षिण भारत, खासकर केरल और तमिलनाडु के हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है. इससे गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलेगी और खेती की तैयारियां समय पर शुरू हो सकेंगी.
मानसून जल्दी क्यों आ सकता है?
इस बार कई ऐसे कारक हैं जो मानसून को मजबूत बना सकते हैं. सबसे अहम है अल नीनो का असर न होना. इसके अलावा, हिंद महासागर में बनने वाला IOD यानी इंडियन ओशन डाइपोल भी सकारात्मक रहने की संभावना है. जब पश्चिमी हिंद महासागर ज्यादा गर्म होता है, तो भारत की ओर ज्यादा नमी आती है. इससे मानसून मजबूत होता है.
गर्मी भी बन रही वजह
इस साल अप्रैल में ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है. जमीन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है. इससे समुद्र और जमीन के बीच तापमान का अंतर बढ़ता है, जो मानसूनी हवाओं को तेजी से खींचता है. यही कारण है कि इस बार मानसून समय से पहले आ सकता है.
संकेत बताते हैं कि इस बार मानसून सामान्य से बेहतर हो सकता है.
मानसून सबसे पहले कहां आता है?
भारत में मानसून की शुरुआत अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से होती है. इसके बाद यह केरल तट पर पहुंचता है और फिर धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता है. आमतौर पर केरल में 1 जून के आसपास मानसून आता है, लेकिन इस बार यह पहले आ सकता है.
क्या इस बार मानसून सामान्य रहेगा?
संकेत बताते हैं कि इस बार मानसून सामान्य से बेहतर हो सकता है. अल नीनो का असर कमजोर है और IOD सकारात्मक रह सकता है. इससे बारिश अच्छी होने की संभावना है. हालांकि, अंतिम स्थिति मौसम के बदलते पैटर्न पर निर्भर करेगी.
क्या जल्दी मानसून आने से ज्यादा बारिश होगी?
जरूरी नहीं कि जल्दी आने का मतलब ज्यादा बारिश ही हो. लेकिन अक्सर जल्दी आने वाला मानसून मजबूत होता है. इससे कई क्षेत्रों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो सकती है, जिससे खेती और जल भंडारण को फायदा मिलता है.
About the Author
सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



