अगर आप भी अपने सपनों का आशियाना बना रहे हैं. तो ऐसे सभी लोग नक्शे के अंतर्गत अपना आवास बनाएं. साथ ही सेटबैक का विशेष रूप से ध्यान रखें. जिससे कि भविष्य में आवास विकास या संबंधित प्राधिकरण द्वारा आप पर कार्रवाई न की जाए.
जिसके बाद से सेट-बैक को लेकर काफी चर्चाएं देखने को मिल रही है. इन बातों को देखते हुए लोकल-18 की टीम द्वारा सिविल इंजीनियर प्रशांत शर्मा से खास बातचीत की.
घर बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
लोकल -18 की टीम से खास बातचीत करते हुए सिविल इंजीनियर प्रशांत शर्मा ने बताया कि सपनों का घर बनाते समय नियमों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. सेंट्रल मार्केट में सेट-बैक का विषय देखने को मिल रहा है. यह कोई नया नियम नहीं है, यह जब से आवास विकास व मेरठ प्राधिकरण अस्तित्व में आए हैं. उसके बाद से ही यह नियम लागू है. ऐसे में अगर आप भी मकान बना रहे हैं, तो सेट बैक का ध्यान अवश्य रखें. क्योंकि अगर आप नहीं करते हैं तो नियमों के अंतर्गत आपके घर बनाने के बाद भी सेट बैक देना पड़ सकता है. इसके लिए आपको अपने सपने के घर पर हथौड़ा भी चलाना खुद से पड़ सकता है.
सेट बैक का करें पालन
उन्होंने बताया कि आवास बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के दिशा निर्देश जारी है. इसके अंतर्गत फ्रंट, बैक एवं दोनों साइडों का विशेष तौर पर ध्यान रखना होता है. उन्होंने बताया कि अगर वर्ग मीटर की बात की जाए तो 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट में एक मीटर का सेट बैक जरूर छोड़ने का नियम है. इसी कड़ी में अगर 150 से 300 वर्ग मीटर में आपको फ्रंट में तीन वर्ग मीटर और बैक में 1.5 वर्ग मीटर का सेट बैक छोड़ना होगा. इसी के साथ ही अगर आप 300 से 500 वर्ग मीटर का मकान बनाते हैं. तो आपको तीन-तीन वर्ग मीटर का सेट बैक छोड़ना चाहिए. इसी तरह से उन्होंने कहा कि अगर आप कमर्शियल प्रॉपर्टी बना रहे हैं. तो आपको 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट में 1.5 वर्ग मीटर सेटबैक छोड़ना होगा. वही 100 से 300 वर्ग मीटर के लिए आपको फ्रंट में तीन वर्ग मीटर एवं 300 से 1000 वर्ग मीटर में आपको निर्माण कार्य कर रहे हैं. तो उसके लिए आपको फ्रंट में 4.5 बैक में 3 एवं दोनों साइड में अलग-अलग 1.5 वर्ग मीटर का सेट बैक नियमों के अंतर्गत जरूर छोड़ना चाहिए. जिससे कि भविष्य में आप पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई न हो.
नक्शा से कराएं घर तैयार
उन्होंने बताया कि जो भी लोग अपना मकान बनवाना चाहते हैं. ऐसे सभी लोग नक्शे का विशेष रूप से ध्यान रखें. क्योंकि जब नक्शे के अनुरूप मकान बनाया जाता है. तो उसमें सेटबैक, वेंटिलेशन एवं अन्य प्रकार के जो भी संबंधित अथॉरिटी द्वारा नियम निर्धारित किए जाते हैं. उसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है. ऐसे में जो आपका भविष्य का आशियाना है, उसपर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न हो इसमें नक्शा महत्वपूर्ण कागज के तौर पर कार्य करता है.
बताते चलें कि आप भी अपना घर बनाते समय आवास विकास या मेरठ प्राधिकरण से संबंधित नियमों का अध्ययन कर सकते हैं. साथ ही सिविल इंजीनियर के माध्यम से नक्शा तैयार कर अपनी प्रॉपर्टी बनाएं. जिससे कि भविष्य में कोई चुनौती न हो.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



