Image Slider

-रेलवे सुरक्षा पर डीजीपी की सख्त समीक्षा, समन्वय और आधुनिक तकनीक से सुरक्षित होगी रेल यात्रा
-राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति की बैठक में आतंकी गतिविधियों, पत्थरबाजी और ट्रैक अवरोध रोकने पर मंथन
-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से जांचने के निर्देश, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
-रेलवे सुरक्षा सुदृढ़ करने हेतु वाराणसी व गाजियाबाद में नए पुलिस अधीक्षक रेलवे पद सृजन की आवश्यकता जताई

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा रेल यात्रियों को सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे सुरक्षा से जुड़े विभिन्न संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक रेलवे उत्तर प्रदेश प्रकाश डी द्वारा रेलवे सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुदृढ़ीकरण, ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं पर नियंत्रण, रेल पटरियों पर अवरोध की घटनाओं की रोकथाम, रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त ट्रैक गश्त तथा आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से रेलवे अपराधों पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है और यात्रियों को सुरक्षित तथा सुखद यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने हाल ही में आतंकवाद निरोधक दस्ता द्वारा उजागर की गई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे नेटवर्क देश की महत्वपूर्ण जीवनरेखा है, इसलिए छोटी से छोटी घटना को भी संभावित आतंकी अथवा विघटनकारी गतिविधि के दृष्टिकोण से गंभीरता से जांचा जाना आवश्यक है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता बढ़ाने और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा है और इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने महाकुंभ मेला 2025 के दौरान रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा लगभग छह करोड़ श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से प्रयागराज पहुंचाने और सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के कार्य की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श मॉडल बताया।

डीजीपी ने कहा कि पिछले वर्षों में ट्रेनों, यात्रियों, रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्मों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि बीते लगभग पच्चीस वर्षों में राजकीय रेलवे पुलिस की जनशक्ति और आधारभूत संरचना में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने वाराणसी और गाजियाबाद में रेलवे पुलिस अधीक्षक के दो नए पद सृजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे रेलवे सुरक्षा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में अभिसूचना विभाग के पुलिस महानिरीक्षक उपेन्द्र अग्रवाल, रेलवे लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक आर.के. भारद्वाज, खुफिया ब्यूरो के सहायक निदेशक शिवजी सिंह सहित उत्तर रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे तथा पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक, मुख्य ट्रैक अभियंता, रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी तथा रेलवे, राजकीय रेलवे पुलिस एवं रेलवे सुरक्षा बल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में भीड़ प्रबंधन, अपराध नियंत्रण, आधुनिक निगरानी प्रणाली, संवेदनशील स्टेशनों की सुरक्षा, ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था तथा यात्रियों के हितों से जुड़े अनेक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने सहमति जताई कि तकनीक आधारित निगरानी, संयुक्त अभियान और सतत गश्त से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है। रेलवे सुरक्षा को लेकर आयोजित यह उच्च स्तरीय बैठक भविष्य में रेलवे नेटवर्क को सुरक्षित, व्यवस्थित और अपराधमुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समन्वित प्रयासों और आधुनिक सुरक्षा तंत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश में रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||