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Thresher Machine Accident: थ्रेसर मशीन हादसे में एक व्यक्ति की सिर की चमड़ी बुरी तरह उखड़ गई, जिससे उसकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था. ऐसे जटिल मामले में RNT मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ‘ट्रांसपोज़िशन फ्लैप’ तकनीक का इस्तेमाल कर सफल सर्जरी की. यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, जिसमें डॉक्टरों ने कुशलता और सटीकता का परिचय दिया. सर्जरी के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ और उसकी जान बचा ली गई. इस सफल ऑपरेशन ने न केवल चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल कायम की, बल्कि डॉक्टरों की विशेषज्ञता और समर्पण को भी उजागर किया.

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उदयपुर: उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 40 वर्षीय मरीज को नई जिंदगी दी है. थ्रेसर मशीन हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए इस मरीज के सिर की त्वचा पूरी तरह उखड़ गई थी, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने आधुनिक तकनीक के जरिए उसे दोबारा जोड़ दिया. जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब मरीज खेत में काम करते हुए अचानक थ्रेसर मशीन की चपेट में आ गया. इस हादसे में उसके सिर की चमड़ी पूरी तरह से अलग हो गई, जिससे भारी रक्तस्राव और संक्रमण का खतरा पैदा हो गया था.
परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बिना देरी किए सर्जरी का फैसला लिया.

प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि इस तरह के केस काफी चुनौतीपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसमें मरीज की जान बचाने के साथ-साथ प्रभावित हिस्से को भी सुरक्षित रखना होता है. डॉक्टरों ने ‘ट्रांसपोज़िशन फ्लैप’ तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें सिर के पास के स्वस्थ हिस्से से त्वचा और ऊतकों को सावधानीपूर्वक स्थानांतरित कर क्षतिग्रस्त हिस्से को कवर किया गया.उन्होंने बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें रक्त प्रवाह बना रहता है, जिससे ऊतक जीवित रहते हैं और घाव तेजी से भरता है.

जल्द ही मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकेगा
ऑपरेशन के दौरान पूरी टीम ने बेहद सावधानी और समन्वय के साथ काम किया, जिसके चलते सर्जरी सफल रही और मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने कहा कि अब इस तरह की एडवांस प्लास्टिक सर्जरी की सुविधाएं सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध हैं.इससे मरीजों को अहमदाबाद या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय रहते बेहतर इलाज मिल सकेगा. इस ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. उदिता नैथानी और डॉ. खेमराज मीणा की भी अहम भूमिका रही. डॉक्टरों की इस सफलता को चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. फिलहाल मरीज की निगरानी की जा रही है और डॉक्टरों का कहना है कि अगर सब कुछ इसी तरह ठीक रहा तो जल्द ही मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकेगा.

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Jagriti DubeyHi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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