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होमताजा खबरदेशजर्मनी में राजनाथ का सारथी A400M Atlas, क्या भारत खरीदेगा आसमान का ‘बाहुबली’?

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Rajnath Singh Flies In Airbus A400M Atlas: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर बर्लिन पहुंचे हैं. म्यूनिख से बर्लिन तक उन्हें जर्मन वायु सेना के सबसे शक्तिशाली एयरबस A400M एटलस विमान में लाया गया. सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमानों ने उन्हें एस्कॉर्ट किया. यह दौरा भारत-जर्मनी रक्षा सौदों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. जानिए इस ‘आसमान के बाहुबली’ की खूबियां और इसकी मारक क्षमता के बारे में विस्तार से.

जर्मनी में राजनाथ का सारथी A400M Atlas, क्या भारत खरीदेगा आसमान का 'बाहुबली'?Zoom

क्या भारत खरीदेगा A400M? बर्लिन पहुंचे राजनाथ सिंह के लिए बिछा रेड कार्पेट (Photo : SpokespersonMoD/X)

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंचे हैं. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करना और भारतीय नौसेना के लिए छह आधुनिक पनडुब्बियों के सौदे को अंतिम रूप देना है. हालांकि, इस डिप्लोमैटिक दौरे की शुरुआत एक खास और बेहद सुरक्षित अनुभव के साथ हुई. रक्षा मंत्री को म्यूनिख से बर्लिन तक जर्मनी के सबसे ताकतवर सैन्य परिवहन विमान Airbus A400M Atlas में लाया गया. सुरक्षा के लिहाज से इस विमान को जर्मन वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया, जो भारत के प्रति जर्मनी के गहरे सम्मान को दर्शाता है.

क्या है Airbus A400M Atlas?

एयरबस A400M एटलस एक अत्याधुनिक, चार इंजनों वाला ‘मल्टी-रोल’ सैन्य परिवहन विमान है. इसे आधुनिक युद्धक्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यह सिर्फ एक मालवाहक विमान नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक (लंबी दूरी) और सामरिक (युद्धक्षेत्र के करीब) दोनों तरह के मिशनों में सक्षम है. यह विमान अमेरिकी C-130 हरक्यूलिस और विशालकाय C-17 ग्लोबमास्टर के बीच के अंतर को भरता है.

कैसे काम करता है और क्या हैं इसकी खूबियां?

A400M अपनी बेजोड़ तकनीक के लिए जाना जाता है. इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  1. शक्तिशाली इंजन: इसमें चार यूरोप्रॉप TP400-D6 टर्बोप्रॉप इंजन लगे हैं. दिलचस्प बात यह है कि इसके इंजन ‘काउंटर-रोटेटिंग’ हैं, यानी एक पंख के प्रोपेलर घड़ी की दिशा में घूमते हैं और दूसरे के उल्टी दिशा में. इससे विमान को हवा में जबरदस्त स्थिरता और नियंत्रण मिलता है.
  2. भारी पेलोड क्षमता: यह विमान 37 टन तक का वजन उठा सकता है. इसमें लड़ाकू हेलीकॉप्टर (जैसे टाइगर या NH90), पैदल सेना के लड़ाकू वाहन (जैसे पुमा), या 116 पूरी तरह से सुसज्जित सैनिक एक साथ जा सकते हैं.
  3. कठिन रास्तों का उस्ताद: A400M की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘शॉर्ट टेक-ऑफ और लैंडिंग’ (STOL) क्षमता है. यह कच्चे रनवे, घास के मैदान या रेतीली जगहों पर भी आसानी से उतर सकता है और उड़ान भर सकता है.
  4. हवा में ईंधन भरना (Tanker Role): यह विमान दो घंटे के भीतर एक टैंकर में बदला जा सकता है, जो हवा में ही अन्य लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों को ईंधन भरने की क्षमता रखता है.
  5. फ्लाई-बाय-वायर तकनीक: इसमें लड़ाकू विमानों जैसी आधुनिक ‘फ्लाई-बाय-वायर’ कंट्रोल सिस्टम और हेड-अप डिस्प्ले (HUD) दी गई है, जिससे पायलट को खराब मौसम में भी सटीक नेविगेशन मिलता है.
जर्मनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह. (Photo : SpokespersonMoD/X)

कौन बनाता है और किन देशों के पास है?

इस विमान का निर्माण Airbus Defence and Space द्वारा किया जाता है. यह एक यूरोपीय कंसोर्टियम है जिसमें जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं. इसका मुख्य निर्माण स्थल स्पेन के सेविले (Seville) में है.

वर्तमान में दुनिया की कई प्रमुख वायु सेनाएं इसका उपयोग कर रही हैं:

  • जर्मनी (Luftwaffe): इसके पास सबसे बड़ा बेड़ा है. अप्रैल 2026 तक जर्मनी ने अपने सभी 53 ऑर्डर किए गए विमान प्राप्त कर लिए हैं.
  • फ्रांस: लगभग 25 विमान.
  • यूनाइटेड किंगडम: 22 विमान.
  • स्पेन: 14 विमान.
  • अन्य देश: बेल्जियम, तुर्की, मलेशिया, कजाकिस्तान और इंडोनेशिया भी इस विमान के ग्राहक हैं.

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