कनक भवन तक जाने के लिए मार्ग जर्जर हो चुका है. खासकर बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे इस मार्ग पर चलते समय असुरक्षित महसूस करते हैं. कई श्रद्धालु फिसलकर चोटिल हो चुके हैं.जबकि कुछ के पैर में मोच आने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं.इतना ही नहीं, इस रास्ते पर आवागमन भी बाधित होता है. भीड़ के बीच संतुलन बनाकर चलना मुश्किल हो जाता है. जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है.
अयोध्या: प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए हर दिन लाखों श्रद्धालु आस्था और विश्वास के साथ पहुंच रहे हैं. भव्य राम मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद अधिकांश श्रद्धालु परंपरा के अनुसार कनक भवन की ओर रुख करते हैं.लेकिन इस मार्ग की बदहाल स्थिति अब उनके लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती जा रही है. कनक भवन जाने वाला रास्ता इन दिनों जर्जर हालत में है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े पत्थर पड़े हैं, जिनमें से कई टूट चुके हैं और असमतल सतह के कारण श्रद्धालुओं को चलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
खासकर बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे इस मार्ग पर चलते समय असुरक्षित महसूस करते हैं. कई श्रद्धालु फिसलकर चोटिल हो चुके हैं.जबकि कुछ के पैर में मोच आने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं.इतना ही नहीं, इस रास्ते पर आवागमन भी बाधित होता है. भीड़ के बीच संतुलन बनाकर चलना मुश्किल हो जाता है. जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है. श्रद्धालुओं का कहना है कि जहां एक ओर अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है.वहीं ऐसे महत्वपूर्ण मार्गों की अनदेखी समझ से परे है.
कनक भवन मार्ग की दुर्दशा देख संत समाज में नाराजगी
इतना ही नहीं प्रभु राम की नगरी अयोध्या में जब से भाजपा की डबल इंजन की सरकार आई है तब से हजारों करोड़ों रुपए की योजनाएं चल रही है लेकिन अभी भी जिम्मेदार जरूरी मार्गो को सुधारीकरण करने में असफल नजर आ रहे हैं. शायद ही वजह है कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालु और अयोध्या वासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करने भवन मंदिर जाने में करना पड़ रहा है हालांकि इस पूरे मामले पर कोई भी अधिकारी कैमरे के सामने बोलने से बचते नजर आए.
कनक भवन मार्ग की दुर्दशा को लेकर अयोध्या के संत समाज में भी नाराजगी देखने को मिल रही है.संतों का मानना है कि जब श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन के बाद इस पवित्र मार्ग से गुजरते हैं. तो उन्हें सुविधा और सुरक्षा मिलनी चाहिए न कि परेशानी. यह स्थिति न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है. बल्कि अयोध्या की छवि को भी प्रभावित कर रही है.श्रद्धालुओं और संतों की मांग है कि इस मार्ग का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि अयोध्या आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उनकी आस्था का यह सफर सहज और सुरक्षित बन सके.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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