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होमताजा खबरदेशपुतिन के दोस्त से मिलने आया जेलेंस्की का दूत! डोभाल के मीटिंग से दुनिया हैरान

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India Ukraine Secret Meeting: यूक्रेन के सुरक्षा प्रमुख और भारत के NSA के बीच हुई बैठक ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की भूमिका पर नए सवाल उठ रहे हैं. भारत ने फिर दोहराया कि समाधान केवल बातचीत से संभव है. इस मीटिंग को कूटनीतिक संतुलन और संभावित मध्यस्थता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

पुतिन के दोस्त से मिलने आया जेलेंस्की का दूत! डोभाल के मीटिंग से दुनिया हैरानZoom

यूक्रेन के सुरक्षा प्रमुख और NSA अजित डोभाल की मुलाकात ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच नई कूटनीतिक बहस छेड़ दी है. (फोटो PTI)

नई दिल्ली: दुनिया की राजनीति में कभी-कभी ऐसे दृश्य सामने आते हैं जो सीधे सवाल खड़े करते हैं दो दुश्मन खेमों के बीच खड़ी एक तीसरी ताकत आखिर क्या खेल रही है? जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के दूत उस देश में पहुंचे जिसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी माना जाता है, तो हलचल होना तय है. भारत और रूस की पुरानी दोस्ती जगजाहिर है, लेकिन उसी भारत में यूक्रेन के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी की मौजूदगी ने कूटनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. यह सिर्फ एक मीटिंग नहीं थी. यह संकेत था कि जंग के बीच भी संवाद के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. और शायद भारत अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि एक संभावित मध्यस्थ की भूमिका में भी दिख रहा है.

दिल्ली में हुई यह मुलाकात कई स्तरों पर अहम है. एक तरफ युद्ध अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है, दूसरी तरफ वैश्विक दबाव बढ़ता जा रहा है कि कोई समाधान निकले. ऐसे में अजीत डोभाल और रुस्तम उमेरोव की बातचीत सिर्फ औपचारिक नहीं मानी जा रही. इसमें रणनीति, सुरक्षा और शांति तीनों के संकेत छिपे हैं. भारत ने हमेशा संतुलित रुख अपनाया है. न रूस के खिलाफ खुलकर गया, न यूक्रेन से दूरी बनाई. यही वजह है कि इस ‘सीक्रेट’ मीटिंग ने दुनिया को चौंका दिया और भारत की भूमिका पर नई नजर डालने को मजबूर कर दिया.

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