विराट कोहली: आज भी ‘मैराथन मैन’
भैया, उम्र बढ़ रही है, दौर बदल रहा है, लेकिन किंग कोहली की फिटनेस का मीटर आज भी ‘सुपरफास्ट’ है। लिस्ट में सबसे ऊपर बैठे विराट ने 228 रन बनाए हैं, लेकिन असली बात ये है कि उन्होंने 80 रन दौड़कर पूरे किए हैं। इस टॉप-10 की लिस्ट में उनसे ज्यादा रन किसी ने नहीं दौड़े। विराट का बाउंड्री प्रतिशत (64.9%) सबसे कम है, लेकिन फिर भी वो नंबर-1 हैं। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है कि जब बाउंड्री नहीं लग रही होती, तब विराट दीवानों की तरह भागकर गेंदबाजों का चैन छीन लेते हैं। वो आपको डॉट बॉल खेलने का सुख नहीं लेने देते।
श्रेयस, क्लासेन और रघुवंशी
श्रेयस अय्यर और हेनरिक क्लासेन जैसे बल्लेबाजों ने भी पिच पर अच्छी खासी पसीने की कमाई की है। श्रेयस ने 63 और क्लासेन ने 62 रन दौड़कर बनाए। खास तौर पर क्लासेन की तारीफ बनती है, क्योंकि उनका कद और शरीर पावर हिटिंग के लिए जाना जाता है, पर वो भागने में भी कंजूसी नहीं कर रहे। वहीं युवा अंगकृष रघुवंशी ने 60 रन दौड़कर ये बता दिया कि नए लड़कों में सिर्फ छक्के मारने का दम नहीं, बल्कि दौड़ने का दम खम भी है।
संजू और ईशान: बराबरी का मुकाबला
संजू सैमसन और ईशान किशन, दोनों ने अपनी ‘रनिंग’ डायरी में 53-53 रन लिखे हैं। ईशान जहां अपनी आक्रामकता के लिए मशहूर हैं, वहीं संजू की बल्लेबाजी में एक अलग नजाकत है। लेकिन इन दोनों ने दिखा दिया कि वो स्ट्राइक रोटेट करने की अहमियत को समझते हैं।
वैभव सूर्यवंशी: “मैं नहीं दौडूंगा!”
अब आते हैं इस लिस्ट के सबसे दिलचस्प खिलाड़ी पर, वैभव सूर्यवंशी। भाई साहब, इस लड़के ने तो टी20 क्रिकेट को वीडियो गेम बना दिया है। वैभव ने 200 रन बनाए हैं, लेकिन दौड़कर कितने लिए? सिर्फ 20 रन! सोचिए, जहां विराट कोहली 80 रन के लिए भाग-भागकर पसीने से तर-बतर हो गए, वहां वैभव ने कुल जमा 20 रन के लिए ही दौड़ने की जहमत उठाई। उनके रनों का 90% हिस्सा सिर्फ चौकों और छक्कों (180 रन) से आया है। वैभव का मंत्र साफ है, “गेंद अगर मेरे पाले में है, तो वो बाउंड्री के पार जाएगी, और अगर नहीं है, तो मैं डॉट बॉल खेल लूंगा, पर भागूंगा तो बिल्कुल नहीं!” यह टी20 क्रिकेट का वो एक्सट्रीम वर्जन है जिसे ‘ऑल ऑर नथिंग’ कहा जाता है।
रजत पाटीदार और यशस्वी: बाउंड्री के शौकीन
रजत पाटीदार ने 222 रन बनाए, पर दौड़कर सिर्फ 48। उनकी कहानी वैभव जैसी ही है. ताबड़तोड़ छक्के मारो और दर्शकों का मनोरंजन करो। पाटीदार ने 21 छक्के जड़े हैं, जो इस लिस्ट में सबसे ज्यादा हैं। यशस्वी जायसवाल भी इसी राह पर हैं, उन्होंने भी भागकर सिर्फ 48 रन ही जुटाए हैं।
मैच का असली विनर कौन?
आंकड़ों का ये खेल हमें बताता है कि क्रिकेट अब दो हिस्सों में बंट गया है। एक तरफ विराट कोहली जैसा स्कूल है, जो कहता है कि हर सिंगल कीमती है। दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी जैसा नया स्कूल है, जो कहता है कि अगर आप 18 छक्के मार सकते हैं, तो दौड़ने में अपनी एनर्जी क्यों बर्बाद करना? फैन्स के लिए तो दोनों ही नजारे लाजवाब हैं। अगर विराट की रनिंग एक ‘क्लासिकल म्यूजिक’ है, तो वैभव की हिटिंग ‘हार्ड रॉक’ है।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



