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UP Politics: 2027 विधानसभा चुनाव में सत्ता वापसी के लिए समाजवादी पार्टी अपनी रणनीतियों धार देने में जुटी है. इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का स्पष्ट निर्देश हैं कि टिकट चाहने वालों को अपनी इमेज बिल्डिंग पर काम करने के साथ ही, सोशल मीडिया और जमीन पर मेहनत करनी पड़ेगी.

सपा में किसे और कैसे मिलेगा टिकट? अखिलेश यादव ने तय कर दिया फॉर्मूलाZoom

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तय कर दिया टिकट मिलने का फॉर्मूला

लखनऊ. 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव हर एक कदम फूंक-फूंक कर उठा रहे हैं. जहां एक ओर पीडीए फॉर्मूला को धार दे रहे हैं, वहीं टिकट बंटवारे को भी लेकर सख्त नियम तय कर दिए हैं. अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी बेदाग छवि वाले नेता को ही तवज्जो देगी। इसके लिए पार्टी प्रमुख ने स्पष्ट मैसेज कहा है कि जो टिकट चाहते हैं, वे अपनी इमेज बिल्डिंग पर काम करें. यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए यह ध्यान रखें कि कुछ भी विवादित ना हो, जिससे पार्टी की छवि पर निगेटिव असर पड़े.

दरअसल, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पिछले दिनों लखनऊ में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के साथ एक बैठक की थी. इस बैठक में 200 से ज्यादा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स शामिल हुए थे. कहा जा रहा है कि इस बैठक में इमेज बिल्डिंग से लेकर जनता के बीच पैठ बनाने को लेकर कई बातें हुईं. बताया गया कि सिर्फ जीताऊ कैंडिडेट से बात नहीं बनने वाली। कैंडिडेट की छवि भी साफ़ सुथरी होने चाहिए. इतना ही नहीं सिर्फ सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने से काम नहीं चलेगा, बल्कि लोगों के बीच जाकर जमीन पर मेहनत करनी होगी और लोगों का भरोसा जीतना होगा.

सिर्फ सिफारिश से टिकट नहीं

अखिलेश यादव ने यह भी कहा है कि अब सिर्फ सिफारिश या पुराने रिश्तों से टिकट नहीं मिलेगा. अखिलेश यादव ने यह भी कहा है कि PDA फॉर्मूला को और मजबूत करना होगा. दरअसल, 2027 में सत्ता पर काबिज होने के लिए समाजवादी पार्टी अपने PDA फॉर्मूले के साथ ही कई फैक्टर्स पर एक साथ काम कर रही है. क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में यह फॉर्मूला कामयाब रहा था, जहां पार्टी ने 37 सीटें जीतीं. अब विधानसभा चुनाव में भी यही रणनीति अपनाई जाएगी, लेकिन इसके लिए सिर्फ पीडीए से काम नहीं चलेगा. रणनीति में कई बदलाव और भी करने की जरूरत है.

सामान्य सीटों पर दलितों को प्रत्याशी

समाजवादी पार्टी को लोकसभा चुनाव में पीडीए फॉर्मूले के तहत दलितों का वोट भारी संख्या में मिलने का दावा किया जा रहा है. लिहाजा इसी फॉर्मूले के तहत समाजवादी पार्टी आरक्षित सीटों के साथ सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों को उतारा जाएगा, ताकि उनकी भागीदारी बढ़े और समाज में एक संदेश भी जाए.

कुर्मी प्रत्याशी को तवज्जो

समाजवादी पार्टी ने तय किया कि अन्य पिछड़े वर्गों में से कुर्मी समाज को ज्यादा टिकट दिए जाएंगे. यह फार्मूला लोकसभा में भी सफल रहा था. पार्टी को लगता है कि गैर यादव ओबीसी वोट पर दांव चल कर जीत आसान हो सकती है. लिहाजा पार्टी का लक्ष्य पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों को जोड़कर एक नया गठबंधन बनाने का है.

ब्राह्मणों के नाराजगी का फायदा

समाजवादी पार्टी ब्राह्मण वोटरों को भी पार्टी आकर्षित करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि कुछ ब्राह्मण नेता सत्ताधारी दल से नाराज बताए जा रहे हैं और वे जल्द ही सपा में शामिल हो सकते हैं. संभावित उम्मीदवारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उत्पीड़ितों, पिछड़ों, आदिवासियों और कमजोर तबकों से सीधे जुड़ें, उनकी बात सुनें और समाधान सुझाएं.

About the Author

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

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