Image Slider

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत के मामले में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ जवाब मांगा है। पूछा है कि घटनास्थल पर सूचना मिलने के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ जैसी विशेषज्ञों की टीम मौजूद थीं, पर्याप्त समय के बावजूद युवक को बचाया नहीं जा सका। 

यह सवाल न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया। कहा कि हलफनामे में यह स्पष्ट करना होगा कि बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए थे। वहां मौजूद टीम के सदस्यों, कमांडिंग ऑफिसर के नाम क्या थे। टीम को आपातकालीन स्थितियों के लिए किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया है। कोर्ट ने पाया कि नोएडा प्राधिकरण ने छह फरवरी 2026 को लापरवाह बिल्डरों को नोटिस तो जारी किए थे, लेकिन उनकी ओर से दाखिल हलफनामे में यह जानकारी गायब है कि क्या उन कमियों को वास्तव में सुधारा गया या प्राधिकरण ने इसका सत्यापन किया। 

यह भी पूछा है कि क्या नोएडा में आपातकालीन स्थितियों के लिए कोई नोडल अधिकारी नियुक्त है। जब यह पूरी घटना लाइव प्रसारित हो रही थी तो प्राधिकरण का कौन सा अधिकारी मौके पर मौजूद था।

याचिकाकर्ता हिमांशु जायसवाल ने जनहित याचिका दायर कर कोर्ट से मांग की है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सभी खुले निर्माण स्थलों, बेसमेंट और खतरनाक जल निकायों का कोर्ट की निगरानी में ऑडिट कराया जाए। साथ ही युवराज मेहता की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय समिति गठित करने और शहरी आपातकाल के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की भी प्रार्थना की गई है। मामले की अगली सुनवाई अब 20 मार्च को सुबह 10 बजे होगी। 

विधायक बोले, जो जिम्मेदार बचे हुए उन पर भी होगी कार्रवाई

ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एसआईटी जांच की रिपोर्ट में देरी पर विधायक तेजपाल नागर ने कहा है कि जो भी जिम्मेदार हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी। ग्रेटर नोएडा में एक प्रेसवार्ता के दौरान जब उनसे कार्रवाई के लिए पूछा गया तो विधायक ने कहा कि युवक की डूबकर मौत एक दर्दनाक हादसा था। इस हादसे के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। डीसीपी और एसीपी को वहां से हटा दिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण में जो डीजीएम सिविल लंबे समय से जमे थे उन्हें भी हटा दिया गया। मेरी चिट्ठी पर जिन दो इंजीनियर और सीईओ ने संज्ञान नहीं लिया था, उन पर भी कार्रवाई हो चुकी है। कोई अगर कार्रवाई से बचा है तो उन पर भी कार्रवाई होगी। मृतक के पिता से मेरी मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने के लिए वार्ता हुई थी। उसी दिन उनको बेटी के साथ लंदन जाने के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। पिता इस हादसे में हुई कार्रवाई को लेकर संतुष्ट थे। 

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||