Image Slider


एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में मौजूदा विधायकों में से लगभग 70 प्रतिशत ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार आधे से ज्यादा विधायक करोड़पति हैं। वहीं तमिलनाडु की पट्टाली मक्कल काची (PMK) पार्टी दो गुटों में बंटी हुई है। पार्टी के संस्थापक डॉ. एस. रामदास के बेटे डॉ. अंबुमणि के नेतृत्व वाला गुट AIADMK के नेतृत्व वाले NDA का हिस्सा बन गया। दूसरे गुट का नेतृत्व करने वाले जी.के. मणि ने कहा कि इसको लेकर हमने दो बार बैठक की। इस पर फैसला एक से दो दिन में किया जाएगा। इधर, दिल्ली में BJP की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार को एक बैठक की। इसमें असम और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संबंधित राज्यों की इकाइयों द्वारा सुझाए गए उम्मीदवारों के नामों के पैनल पर विस्तार से चर्चा की गई। 132 विधायकों के हलफनामों की जांच ADR और केरल इलेक्शन वॉच के इस एनालिसिस में 132 मौजूदा विधायकों के हलफनामों की जांच की गई और पाया गया कि 92 विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से 33 विधायकों, यानी 25 प्रतिशत ने गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है, जिनमें हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े आरोप शामिल हैं। बंगाल में ₹1 लाख कैश के साथ व्यकित हिरासत में विधानसभा चुनावों से पहले, दक्षिण 24 परगना जिले में वाहनों की चेकिंग के दौरान बुधवार को पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। उसके पास से 1 लाख रुपए से ज्यादा की नकदी जब्त की गई। यह घटना बारुईपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत जयतला इलाके में हुई। पुलिस ने बताया कि नाका चेकिंग के दौरान, एक बाइक सवार संदिग्ध लगा और उसे पहचान की पुष्टि के लिए रोका गया। पुलिस ने मोटरसाइकिल की तलाशी ली और नकदी से भरा एक बैग बरामद किया। पैसे के सोर्स की जांच की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि उस व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। असम- कांग्रेस ने किया 8 पार्टियों से अलायंस: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। पुडुचेरी- सबसे कम सीटों वाली विधानसभा: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है। गुजरात-महाराष्ट्र सहित 6 राज्यों की 8 सीटों पर उपचुनाव

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||