Image Slider

Last Updated:

गोरखपुर की गलियों में पिछले 25 सालों से स्वाद का एक खास ठिकाना बना हुआ है—डेविड का मशहूर अंडा ठेला. यहां से हाफ बॉयल अंडे का ट्रेंड शुरू हुआ जो आज भी लोगों को अपनी ओर खींचता है. खास मसालों के साथ तैयार ये अंडे इतने लज़ीज़ हैं कि एक खाने वाला कई खा कर जाता है. अब इस विरासत को सुनील संभाल रहे हैं, और हर शाम यहां स्वाद के दीवानों लोग आते है.

गोरखपुर. गलियों में स्वाद की कई कहानियां बसी हैं, लेकिन एक ठेला ऐसा है जिसने पिछले 25 सालों से लोगों के दिल और जुबान पर खास जगह बना रखी है. यह कहानी है ‘डेविड के ठेले की, जहां से शहर में पहली बार हाफ बॉयल अंडे का ट्रेंड शुरू हुआ था. करीब ढाई दशक पहले डेविड नाम के एक शख्स ने इस छोटे से ठेले की शुरुआत की थी. उस समय गोरखपुर में हाफ बॉयल अंडा कोई आम चीज नहीं थी. लेकिन डेविड ने इसे अपने खास अंदाज और मसाले के साथ पेश किया, जो लोगों को इतना पसंद आया कि, देखते ही देखते यह ठेला भीड़ का केंद्र बन गया. डेविड के ठेले पर अंडा खाने वालों की दीवानगी ऐसी थी कि लोग सड़क पर खड़े होकर खाते थे और कई बार जाम की स्थिति बन जाती थी. यहां एक दिलचस्प बात यह भी रही, जो एक अंडा खाने आता, वह चार खा जाता और जो चार के लिए आता, वह आठ तक पहुंच जाता है. सुनील बताते हैं कि, उनके यहां कस्टमर की भीड़ दुकान खोलते ही लग जाती है.

अब सुनील संभाल रहे हैं विरासत
समय बदला, लेकिन स्वाद नहीं, आज इस ठेले को डेविड के भतीजे सुनील संभाल रहे हैं. सुनील बताते हैं कि उनके चाचा ने जो शुरुआत की थी, उसे उन्होंने उसी पुराने अंदाज में बरकरार रखा है. ठेला आज भी वही है, लेकिन उसकी पहचान और लोकप्रियता और भी बढ़ गई है.

हर दिन हजारों का कारोबार
यह ठेला रोज शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक लगता है, हैरानी की बात यह है कि इस छोटे से ठेले पर हर दिन करीब 5 से 10 हजार रुपये तक के अंडे बिक जाते हैं. लोग 5 से 10 किलोमीटर दूर से सिर्फ इस स्वाद को चखने के लिए यहां पहुंचते हैं. इस ठेले की सबसे बड़ी खासियत है इसका स्पेशल मसाला, नमक, काली मिर्च, जीरा पाउडर और कुछ खास सीक्रेट मसालों का मिश्रण जब हाफ बॉयल अंडे पर डाला जाता है, तो उसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. वही एक अंडा का दाम 10 रुपए है.

About the Author

authorimg

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||