– विजय नगर में औचक जांच के दौरान आबकारी निरीक्षक की टीम ने विक्रेता को अधिक कीमत वसूलते पकड़ा
– ग्राहकों की शिकायत और टेस्ट परचेजिंग से सामने आई ओवर रेटिंग की सच्चाई
– जिला आबकारी अधिकारी की सख्ती-नियमों का उल्लंघन दोहराने पर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की चेतावनी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में सुशासन को प्रभावी ढंग से लागू करने और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाए रखने के लिए विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। जिले में अवैध शराब और नियमों के विरुद्ध संचालित दुकानों पर नकेल कसने के लिए आबकारी विभाग दिन-रात निगरानी कर रहा है। वर्तमान समय में जहां विभाग शराब दुकानों के नवीनीकरण और ई-लॉटरी की प्रक्रिया में व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी लगातार जारी है। रविवार को आबकारी विभाग की टीम ने विजय नगर क्षेत्र में एक लाइसेंसी शराब की दुकान पर औचक निरीक्षण करते हुए ओवर रेटिंग के मामले का खुलासा किया। इस कार्रवाई में संबंधित अनुज्ञापी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभाग की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि शराब की दुकानों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या उपभोक्ताओं से अधिक वसूली को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि विभाग की ओर से समय-समय पर लाइसेंसी दुकानों की निगरानी की जाती है और अनुज्ञापियों को भी निर्देश दिए जाते हैं कि वे अपने विक्रेताओं की गतिविधियों पर स्वयं नजर रखें। उन्होंने कहा कि कई बार विक्रेता की छोटी सी गलती भी अनुज्ञापी के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाने के साथ-साथ लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी गंभीर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसी क्रम में आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा की टीम ने रविवार को विजय नगर क्षेत्र की लाइसेंसी शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने निरीक्षण के साथ ही गुप्त रूप से टेस्ट परचेजिंग अभियान भी चलाया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक तो वसूली नहीं की जा रही है। इस अभियान के दौरान सम्राट चौक स्थित धरु सिंह के नाम से संचालित कम्पोजिट शराब की दुकान पर टीम ने जांच की।
जब टीम ने टेस्ट परचेजिंग के तहत रॉयल चैलेंज ब्रांड की शराब का पव्वा खरीदा, तो पाया गया कि जिस बोतल की अधिकतम खुदरा कीमत 180 रुपये अंकित थी, उसके लिए विक्रेता ने 10 रुपये अतिरिक्त वसूल किए। टीम ने तत्काल विक्रेता को रंगेहाथ पकड़ लिया और मौके पर ही उससे पूछताछ की। इसके बाद दुकान पर मौजूद ग्राहकों से भी जानकारी ली गई। ग्राहकों ने भी पुष्टि की कि विक्रेता अक्सर खर्चा-पानी के नाम पर शराब की बोतलों पर अंकित कीमत से अधिक पैसे वसूलता है। ग्राहकों की शिकायत और मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित अनुज्ञापी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया और 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितता दोबारा सामने आई तो लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शराब बिक्री प्रणाली को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाना है। इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण, टेस्ट परचेजिंग और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने अनुज्ञापियों को निर्देश दिए कि वे अपनी दुकानों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विक्रेता नियमों का उल्लंघन न करे। आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा की सक्रियता और सतर्कता की भी विभाग में सराहना की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों से न केवल उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होती है, बल्कि विभाग की साख भी मजबूत होती है। आबकारी विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि जिले में ओवर रेटिंग, अवैध शराब बिक्री या नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई दुकानदार या विक्रेता नियमों के विपरीत कार्य करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी, ताकि जनपद में शराब बिक्री की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध बनी रहे।
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