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• प्राधिकरण के टावर-2 की तीन मंजिलों पर शुरू होगा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय का कैंपस
• वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने ग्रेनो प्राधिकरण को सौंपी परफॉरमेंस गारंटी
• सालाना 86 लाख रुपये किराए पर ली गईं तीन फ्लोर, जल्द शुरू होगा शैक्षणिक कार्य
• एआई, डेटा साइंस, वॉटर मैनेजमेंट और एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में होंगे ग्लोबल कोर्स

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का पहला कैंपस इसी साल ग्रेटर नोएडा में शुरू होने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर स्थित टावर टू में तीन मंजिल (6, 7 व 8वें तल) पर कैंपस बनने जा रहा है। यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी एंड कमर्शियल ऑफिसर मैरियन जॉन्स व अन्य प्रतिनिधियों की तरफ से शीघ्र ही कार्य शुरू करने के संकेत दिए गए हैं। सोमवार को वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने नोएडा के सेक्टर 16बी स्थित मैक्स टावर में आयोजित कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को परफॉरमेंस गारंटी दस्तावेज सौंपे।

प्राधिकरण के इस कदम से ग्रेटर नोएडा को ग्लोबल एजुकेशन और इनोवेशन हब के तौर पर स्थापित करने में मदद मिलेगी और उत्तर प्रदेश को इंटरनेशनल संस्थानों के लिए एक लीडिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को और मजबूती भी मिलेगी। सीईओ एनजी रवि कुमार के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा में इस कैंपस को जल्द शुरू करने के लिए प्राधिकरण की तरफ से हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस दौरान यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी एंड कमर्शियल ऑफिसर मैरियन जॉन्स के अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक अजित भाई पटेल आदि मौजूद रहे। यूनिवर्सिटी प्रतिनिधियों ने बताया कि यह कैंपस सस्टेनेबिलिटी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिजनेस इनोवेशन जैसे फील्ड में ग्लोबल टीचिंग, रिसर्च और इंडस्ट्री से जुड़े अध्ययन को मजबूती प्रदान करेगा।

इस कैंपस के पहले चरण में बिजनेस एनालिटिक्स, मार्केटिंग, डेटा साइंस, सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स और एग्रीकल्चर में प्रोग्राम में शिक्षा प्रदान करने की योजना है। दूसरे चरण में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और सप्लाई चेन मैनेजमेंट के बारे में शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू होगा। इस बारे में प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने कहा कि वेस्टर्न सिडनी विवि का कैंपस ग्रेटर नोएडा में खुलने से पुष्टि होती है कि ग्रेटर नोएडा शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में पसंदीदा जगह बन चुका है। इससे ग्रेटर नोएडा टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के सेंटर के तौर पर डेवलप होगा। साथ ही एक लीडिंग इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी यहां  खुलने से एकेडमिक माहौल भी और बेहतर होगा। युवाओं को उद्योगों के हिसाब से तैयार करने में मदद भी मिलेगी।

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