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दिल्ली मेट्रो ने चालक रहित (ड्राइवरलेस) मेट्रो नेटवर्क के मामले में वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा कायम कर लिया है। पिंक और मजेंटा लाइन के विस्तार के साथ दिल्ली मेट्रो अब दुनिया के सबसे बड़े चालक रहित मेट्रो प्रणालियों में शुमार हो गई है। भविष्य की जरूरतों और फेज-4 की चुनौतियों को देखते हुए डीएमआरसी ने 52 नई ट्रेनों की खरीद का खाका तैयार किया है। दुनिया में सऊदी अरब की रियाद मेट्रो सबसे लंबे पूर्णतः चालक रहित नेटवर्क के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।

तकनीकी श्रेष्ठता के मामले में दिल्ली मेट्रो ने लंदन और पेरिस जैसे शहरों के नेटवर्क को कड़ी टक्कर दी है। पिंक लाइन पर मजलिस पार्क से मौजपुर-बबरपुर और शिव विहार तक का 71.55 किमी का कॉरिडो और मजेंटा लाइन पर कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से बॉटनिकल गार्डन तक का 49.19 किमी का हिस्सा अत्याधुनिक ऑटोमेशन का उदाहरण है। कुल 120 किमी से अधिक का यह नेटवर्क पूरी तरह से संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण (सीबीटीसी) प्रणाली पर आधारित है।

वर्तमान में इन दो लाइनों पर 80 ट्रेनें बिना ड्राइवर के दौड़ने की क्षमता रखती हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या और नए रूटों को संभालने के लिए कुल 52 नई ट्रेनें खरीदी जा रही हैं। इनमें से 18 ट्रेनें पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं और जल्द बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी। ये ट्रेनें पूरी तरह से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और इनमें भी ड्राइवरलेस तकनीक की क्षमता होगी। पिंक और मजेंटा लाइन पर चल रही ड्राइवरलेस तकनीक को अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) कहा जाता है। इसमें ट्रेन का नियंत्रण पूरी तरह से कमांड सेंटर के हाथ में होता है, जिससे आपातकालीन स्थिति में भी त्वरित प्रतिक्रिया संभव होती है।

आंकड़ों में दिल्ली मेट्रो का दबदबा….

  • ड्राइवरलेस नेटवर्क: पिंक लाइन (71.55 किमी) और मजेंटा लाइन (49.19 किमी)
  • कुल ट्रेनें : 343 ट्रेनें (2,368 कोच) वर्तमान में संचालित
  • दैनिक परिचालन: रोजाना करीब 1,40,112 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं ट्रेनें
  • देश में हिस्सेदारी: भारत के कुल मेट्रो यात्रियों में से 55% अकेले दिल्ली मेट्रो में

मेट्रो का नया कीर्तिमान, 2025 में 235 करोड़ लोगों ने किया सफर

दिल्ली मेट्रो ने वर्ष 2025 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आंकड़ों के अनुसार 2025 के दौरान कुल 235.80 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। डीएमआरसी के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली मेट्रो ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोविड-19 महामारी के कारण लगे झटकों को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है।

2024 में जहां यात्रियों की संख्या 228.35 करोड़ (223.5 करोड़ लगभग) थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 235.80 करोड़ पर पहुंच गया है। दैनिक औसत 2024 में प्रतिदिन औसतन 62.39 लाख लोग मेट्रो का उपयोग कर रहे थे, वहीं 2025 में बढ़कर 64.60 लाख प्रतिदिन हो गया।

एक दिन में 81 लाख यात्रियों का आंकड़ा

साल 2025 केवल कुल यात्रियों की संख्या के लिए ही नहीं, बल्कि एक दिन में सर्वाधिक सफर के रिकॉर्ड के लिए भी याद किया जाएगा। 18 नवंबर 2024 को मेट्रो ने 78.67 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन 8 अगस्त 2025 के दिन दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क पर एक ही दिन में 81,87,674 (81.87 लाख) यात्रियों ने सफर किया। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली मेट्रो की समयबद्धता 99.9% बनी हुई है।

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