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गाजियाबाद के साहिबाबाद में रहने वाले हरीश राणा को अंतिम विदाई देने के लिए साहिबाबाद स्थित मोहन नगर में संचालित ब्रह्मकुमारी केंद्र के प्रभु मिलन भवन की बहन कुमारी लवली दीदी 13 मार्च को उनके घर पहुंचीं। यहां उन्होंने हरीश के माथे पर पहले चंदन का तिलक लगाया और उसके बाद अंतिम विदाई दी। 

उन्होंने कहा कि सब को सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ..ठीक है..। बीके लवली ने बताया कि उन्होंने हरीश के लिए मेडिटेशन भी किया। साथ ही उसे शांति से अंतिम विदाई दी। हरीश के माता-पिता को भी ढांढस बंधाया।




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Harish Rana Given Emotional Farewell as BK Lovely Didi Performs Final Rituals in Sahibabad

बेटे हरीश के साथ मां
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


मां का छलका दर्द…मैं डांटती तो छिप जाता, फिर आकर गले लग जाता

”हरीश बचपन में बहुत शरारती था। मैं उसे डांटती तो किसी कोने में जाकर छिप जाता। थोड़ी देर बाद फिर आकर चुपचाप मेरे गले लग जाता। मेरे चेहरे को सहलाने लगता। पहला बच्चा था, इसलिए घर में सबसे ज्यादा लाड़-प्यार उसी को मिला।” यह कहना है उनकी मां निर्मला देवी का।


Harish Rana Given Emotional Farewell as BK Lovely Didi Performs Final Rituals in Sahibabad

बेटे हरीश के साथ माता-पिता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


हरीश की बचपन की यादें साझा करते हुए निर्मला देवी की आंखें हुईं नम

हरीश राणा को दिल्ली एम्स शिफ्ट किए जाने के बाद परिवार भी उनके साथ चला गया है। इससे पहले अमर उजाला से बातचीत में निर्मला देवी ने बेटे की बचपन की यादें साझा कीं। इस दौरान कई बार उनकी आवाज भर्रा गई और आंखों से आंसू छलक पड़े।


Harish Rana Given Emotional Farewell as BK Lovely Didi Performs Final Rituals in Sahibabad

हरीश राणा की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


‘पिछले 13 साल से देख रही हूं बेटे की पीड़ा, अब सहा नहीं जाता’

निर्मला देवी के अनुसार, हरीश का जन्म 12 सितंबर 1993 को दिल्ली में हुआ था। उस दिन पूरा परिवार खुशी से झूम उठा था। घर में गीत गाए गए थे। उनके अनुसार हरीश कभी किसी चीज के लिए जिद नहीं करता था। जो भी समझाया जाता, उसे प्यार से मान लेता था।

 


Harish Rana Given Emotional Farewell as BK Lovely Didi Performs Final Rituals in Sahibabad

हरीश राणा की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


यह है मामला

जुलाई 2010 में हरीश ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। वर्ष 2013 में वह अंतिम वर्ष के छात्र थे। इसी दौरान अगस्त 2013 में रक्षाबंधन वाले दिन बहन से मोबाइल फोन पर बात करते हुए पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल हरीश को तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया।


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