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होमताजा खबरकृषिबढ़ती गर्मी से गेहूं की फसल पर खतरा, किसान समय पर करें हल्की सिंचाई

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बढ़ती गर्मी और तेज हवाओं का असर गेहूं की खड़ी फसल पर दिखाई देने लगा है. अधिक तापमान के कारण फसल पीली पड़ने लगती है और दाने कमजोर हो जाते हैं, जिससे पैदावार में कमी आ सकती है. कृषि विशेषज्ञ भगवती प्रसाद मौर्य के अनुसार इस समय गेहूं में बालियां निकल चुकी हैं और दाने बन रहे हैं, इसलिए खेत में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है. किसान समय पर हल्की सिंचाई करें, ताकि गर्म हवाओं का असर कम हो और दाने मोटे व अच्छी गुणवत्ता के बन सकें. इससे फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है और उत्पादन बेहतर होगा.

कौशाम्बी. बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ रहे तापमान का असर अब खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर साफ दिखाई दे रहा है. अधिक तापमान और गर्म हवाओं के कारण गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी है, वहीं निकल रहे दाना कमजोर पड़ने लगते है. इस तरह से किसान की फसल ख़राब हो जाती है और पैदावार में कमी होने लगती है. इस अवस्था में अगर इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो गेहूं के उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. इससे पैदावार प्रभावित होती है, ऐसे में किसान खेत में समय पर हल्की सिंचाई कर दें, ताकि खेत में नमी बनी रहे और गर्म हवाओं का असर कम हो सके. इससे गेहूं के दाने अच्छे हो और नुकसान से बचाया जा सकेगा.

जब भी गर्मी से तापमान बढ़ने लगता है और गर्म तेज हवाएं चलने लगती है तो इसका असर गेंहू की खड़ी फसलों पर पड़ता है. जब तेज धूप हो और गर्म हवा चलती है तो गेहूं की फसल में निकल रहे दाना कमजोर हो जाते है और फसल में सिकुड़न हो जाती है. जिसके कारण पीलापन होने लगता है तो ऐसे में किसान समय रहते हुए खेतों में हल्की सिंचाई कर दें, ताकि इन समस्याओं से फसलों को बचाकर अच्छी पैदावार कर सके.

नमी नहीं होने से सूख जाएगी फसल

कृषि विशेषज्ञ भगवती प्रसाद मौर्य ने बताया कि अभी मार्च के महीने की शुरुआत हुई है और तापमान अधिक होने लगा है. इस समय गेहूं की फसल पर बहुत ही ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि गेहूं की फसल में बालिया निकल चुकी है. उसमें दान भी बनना शुरू हो चुका है, इस वजह से इस समय गेहूं की फसल में हल्की नमी बनाए रखना चाहिए क्योंकि अगर फसल सूखी रहेगी तो उसमें दाना कमजोर हो जाएंगे और पौधे भी सिकुड़ने लगते हैं. साथ ही फसलों में पीलापन होने लगता है. इसी वजह से किसान की फसल भी कमजोर हो जाती है और पैदावार में कमी हो जाती है. जब फसलों में बालिया निकलना शुरू हो जाए तभी अंत में एक सिंचाई जरूर कर दें. ताकि खेतों में नमी बनी रहे और जो गर्म हवाएं चले वह फसलों में असर न करें, क्योंकि जब गर्म हवाएं चलती है तो खेतों की नमी को सुखा देता है जिसके कारण यह असर गेहूं के पौधों पर पड़ता है, दान कमजोर होने लगता है. अगर सही समय पर अंतिम सिंचाई कर दें तो दाने मोटे और साफ-सुथरे होंगे और फसल की पैदावार भी बढ़ जाएगी.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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