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-कक्षा दो के छात्रों ने अभिनय, संवाद और संदेश से दर्शकों का जीता दिल
-विशेष अतिथि डॉ. नृपन विश्नोई की उपस्थिति में हुआ भव्य आयोजन
-विद्यालय प्रशासन ने बच्चों के सर्वांगीण विकास को बताया शिक्षा का मुख्य उद्देश्य

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल में शनिवार को कक्षा दो का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय का प्रांगण रंगारंग कार्यक्रमों और बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से जीवंत हो उठा। कार्यक्रम में कक्षा दो के नन्हे-मुन्ने छात्रों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का दिल जीत लिया। समारोह का मुख्य आकर्षण अंग्रेज़ी नाटक ‘द स्क्वीज़ एंड द स्क्वैश’ रहा, जिसमें छात्रों ने अपने अभिनय, संवाद और भाव-भंगिमाओं से मंच पर अद्भुत जीवंतता ला दी। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की एक्जीक्यूटिव हेड सुश्री सुजैन होम्स के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने सभी अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय में आयोजित इस प्रकार के सांस्कृतिक समारोह बच्चों के आत्मविश्वास और सृजनात्मकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू वर्ल्ड स्कूल हमेशा से छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यालय, अभिभावकों और छात्रों के सामूहिक प्रयास का प्रतीक होती हैं। समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध ई.एन.टी विशेषज्ञ डॉ. नृपन विश्नोई रहे, जिन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र में इस प्रकार के मंचीय अनुभव बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं और इससे उनमें आत्मविश्वास तथा अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित होती है। कार्यक्रम के दौरान कक्षा दो के छात्रों द्वारा विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक और सहशैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। छात्रों ने अपने अंदाज में विद्यालय की गतिविधियों, प्रतियोगिताओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए दर्शकों को पूरे वर्ष की झलक दिखाई। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘द स्क्वीज़ एंड द स्क्वैश’ नामक नाट्य प्रस्तुति रही।

यह प्रस्तुति एक रोचक कहानी पर आधारित थी, जिसमें यह संदेश दिया गया कि संतोष हमारे जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। नाटक की कहानी दो ऐसे लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है जिन्हें अपना घर बहुत छोटा लगता है और वे उससे असंतुष्ट रहते हैं। तभी एक बुद्धिमान व्यक्ति उन्हें कुछ जानवरों के माध्यम से यह समझाने की कोशिश करता है कि जो उनके पास है वही उनके लिए पर्याप्त और संतोषजनक है। जब वे उन जानवरों के साथ रहने का अनुभव करते हैं, तब उन्हें अपने घर की वास्तविक महत्ता का एहसास होता है। नन्हे छात्रों ने विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हुए अपने अभिनय कौशल से नाटक को बेहद रोचक और प्रभावशाली बना दिया। बच्चों की वेशभूषा, संवाद अदायगी और मंच पर उनकी स्वाभाविक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. अरुणाभ सिंह ने छात्रों के प्रयासों और परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी अभिभावकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के अंत में जूनियर स्कूल की प्रधानाचार्या पूनम गैरोला ने सभी अभिभावकों और अध्यापिकाओं का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि बच्चों के विकास में विद्यालय और परिवार दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि आज के ये नन्हे छात्र ही भविष्य में देश और समाज के कर्णधार बनेंगे, इसलिए उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन देना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक सहयोग की सराहना की और कहा कि सभी के प्रयासों से ही यह समारोह यादगार बन पाया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों की प्रतिभा और विद्यालय के प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की।

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