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दिल्ली में प्रदूषण कम करने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए 10 नमो वन तैयार किए जा रहे हैं, जो शहर के प्राकृतिक फेफड़ों की तरह काम करेंगे। इस श्रृंखला का पहला नमो वन दक्षिण दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में बनकर तैयार है और अब जल्द ही आम लोगों के लिए खुलने वाला है। इसके उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर वन एवं वन्यजीव विभाग ने तैयारियां शुरू की हैं। 

दिल्ली में हरित क्षेत्र बढ़ाने और प्रदूषण के असर को कम करने के लिए सरकार ने नमो वन परियोजना पर बखूबी काम शुरू किया है। इस योजना के तहत दक्षिण दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में तैयार पहला नमो वन अब खुलने को तैयार है। विभाग ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी की नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया है। 

अधिकारियों के मुताबिक चयनित एजेंसी कार्यक्रम से जुड़े सभी प्रबंधन कार्यों में वन विभाग की सहायता करेगी। एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी है और 16 मार्च तक इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। सरकार इस मौके को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी कर रही है, ताकि दिल्लीवासियों को हरित और स्वच्छ शहर के लिए प्रेरित किया जा सके।

जलवायु रणनीति का अहम हिस्सा

सरकार का कहना है कि नमो वन परियोजना दिल्ली की जलवायु रणनीति का अहम हिस्सा है। आने वाले समय में राजधानी के अन्य हिस्सों में भी ऐसे शहरी जंगल विकसित किए जाएंगे, जिससे पूरे शहर में हरित क्षेत्र का दायरा बढ़े और दिल्ली को पर्यावरण के लिहाज से अधिक संतुलित और टिकाऊ शहर बनाया जा सके।

प्रदूषण हॉटस्पॉट पर पूरा फोकस

नमो वन परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में हरित क्षेत्र का विस्तार करना और प्रदूषण को कम करना है। इन शहरी जंगलों में घनी वनस्पति विकसित की जाएगी, जिससे हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों को सोखने की क्षमता बढ़ेगी और आसपास के क्षेत्रों की हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। सरकार ने तय किया है कि इन नमो वन क्षेत्रों के लिए उन स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां पर्यावरणीय दबाव अधिक है या प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहता है। ऐसे इलाकों में घने जंगल विकसित होने से स्थानीय लोगों को भी स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सकेगा।

गर्मियों में हीटवेब से भी बचाएंगे

दिल्ली सरकार ने इस साल बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत राजधानी में करीब 70 लाख पौधे लगाने की तैयारी है। नमो वन परियोजना को इसी व्यापक हरित अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में घने जंगल विकसित करने से कई पर्यावरणीय लाभ मिलते हैं। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है, जैव विविधता बढ़ती है और पक्षियों व छोटे जीवों के लिए प्राकृतिक आवास तैयार होते हैं। इसके अलावा ऐसे हरित क्षेत्र शहर के तापमान को संतुलित रखने में भी मदद करते हैं और गर्मियों में हीट वेव के असर को कम करने में सहायक होते हैं।

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