‘सितारों का सफर’ कार्यक्रम में दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने इंटरफेथ शादी, हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अपनी आस्था और बहुविवाह प्रथा पर खुलकर बात की. मुमताज ने साफ किया कि वह धार्मिक बंटवारे में विश्वास नहीं रखतीं और उनकी आस्था सभी धर्मों में समान रूप से है.
हिंदू देवताओं में गहरी आस्था
मुस्लिम परिवार में जन्मीं मुमताज ने बताया कि उनकी आस्था सिर्फ एक धर्म तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मेरे पसंदीदा भगवान शंकर जी और कृष्ण जी हैं. मैं मुसलमान होते हुए भी उनमें गहरी आस्था रखती हूं’. उन्होंने अपनी दिनचर्या के बारे में बताते हुए कहा कि उनके घर की सीढ़ियों पर गणेश जी की मूर्ति रखी है और जब भी वह सीढ़ियों से गुजरती हैं, उनके चरणों में प्रणाम करती हैं. शिव जी के प्रति अपने विशेष लगाव को बताते हुए मुमताज ने कहा, ‘मैं शंकर जी में भी विश्वास करती हूं. बचपन से मुझे खूबसूरत लोग पसंद हैं और मुझे लगता है कि वह सबसे खूबसूरत भगवान हैं. इसलिए मैं उनसे प्यार करती हूं. ये दो देवता हैं जिनमें मैं विशेष रूप से विश्वास करती हूं.’
मयूर माधवानी संग इंटरफेथ शादी पर क्या बोलीं?
1974 में फिल्मी करियर के चरम पर रहते हुए मुमताज ने उगांडा के बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी की. मयूर माधवानी एक हिंदू परिवार से हैं. इस इंटरफेथ मैरिज पर उन्होंने कहा, ‘मैं दोनों धर्मों में विश्वास करती हूं. मैंने एक हिंदू से शादी की और मेरी बहन ने भी एक हिंदू से शादी की. हम दोनों बहुत खुश हैं. मेरे पति मेरा बहुत ख्याल रखते.’ उन्होंने समाज में धार्मिक बंटवारे पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मैं नहीं समझती कि लोग हिंदू-मुस्लिम बंटवारे की बातें क्यों करते रहते हैं. मैं इसमें विश्वास नहीं रखती.’ उनके पति मयूर माधवानी उगांडा के प्रसिद्ध माधवानी ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन हैं और इस समय 76 साल के हैं.
पॉलीगैमी पर कड़ा प्रहार
मुमताज ने मुस्लिम समाज में प्रचलित बहुविवाह प्रथा (पॉलीगैमी) पर अपनी असहमति जताते हुए कहा, ‘मैं हमेशा कहती हूं कि मैंने हिंदू से शादी की और मेरी बहन ने भी और हम बहुत खुश हैं. मुसलमानों में कई पुरुषों ने तीन-चार शादियां कीं और फिर अपनी पत्नियों को छोड़ दिया. इससे मुसलमान हिंदुओं से बेहतर कैसे हो जाते हैं?.’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक आदमी को पहली जगह में तीन-चार शादियां नहीं करनी चाहिए. मैं खुद मुसलमान हूं और मैं कहती हूं यह गलत है. एक पत्नी रखना, फिर दूसरी से शादी करना, और फिर तीसरी से… क्या आपने कभी सोचा है कि रिश्तों में महिलाएं कितनी पजेसिव होती हैं? यह एक ऐसा रिश्ता है जहां हर महिला पजेसिव होती है.’
‘हिंदू बेहतर लगते हैं’
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुमताज ने कहा, ‘एक को छोड़कर दूसरी से शादी करना, यह कैसे सही है? क्या यह पाप नहीं है?’ उन्होंने हिंदू विवाह प्रथा की तारीफ करते हुए कहा, ‘इस मामले में हिंदू बेहतर लगते हैं. वे आमतौर पर एक ही शादी करते हैं.कभी-कभी वे दो बार शादी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि वे आसानी से एक व्यक्ति को छोड़कर दूसरे के पास चले जाते हैं. यह गलत है.’
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