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माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: विकास कुमार

Updated Wed, 11 Mar 2026 09:40 PM IST

सोसायटी निवासी अनिल चौहान कहते हैं कि अशोक राणा और उनका परिवार हौसले की मिसाल है। वह अक्सर उनसे मिलते हैं और हरीश के बारे में बात करते हुए भी उनकी हिम्मत दिखाई देती है। 


Ashok Rana story of struggle He spent everything on his son

हरीश राणा के पिता अशोक राणा
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

सुप्रीम कोर्ट से गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की राज एंपायर सोसायटी में रहने वाले हरीश राणा को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की मंजूरी मिलने के बाद सोसायटी के लोग भावुक और निशब्द हैं। उनका कहना है कि जब इस बारे में सोशल मीडिया और फिर सोसायटी के ग्रुप के जरिये जानकारी मिली तो समझ ही नहीं आया कि क्या प्रतिक्रिया दें। लोगों का कहना है कि माता-पिता ने अपने बेटे के लिए जिस तरह वर्षों तक संघर्ष किया, वह असाधारण है। यह फैसला कितना कठिन रहा होगा, इसका दर्द वही समझ सकते हैं। इस विकट परिस्थिति में सोसायटी के लोग हरीश के पिता अशोक राणा और उनके परिवार के साथ खड़े हैं।

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