-630 वैश्विक आवेदनों में से चयन, भारत का दूसरा शहर बना गाजियाबाद
-प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट की सफलता पर नगर निगम को मिलेगा 1 मिलियन डॉलर का अवॉर्ड
-स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का मौका
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज 2025 में गाजियाबाद को दुनिया के टॉप-24 शहरों में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम द्वारा किए गए नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है। इस उपलब्धि के साथ गाजियाबाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने वाला भारत का दूसरा शहर बन गया है, जिससे शहर के विकास कार्यों को नई पहचान मिली है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इस उपलब्धि पर शहरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए बताया कि ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज 2025 के लिए दुनिया भर से कुल 630 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों में से पहले चरण में 50 शहरों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया था, जिसमें गाजियाबाद भी शामिल था। इसके बाद नगर निगम द्वारा प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट के प्रभावी संचालन और उससे जुड़े नवाचारों की विस्तृत कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसी आधार पर अब गाजियाबाद को दुनिया के टॉप-24 शहरों में शामिल किया गया है।
इस उपलब्धि के साथ गाजियाबाद नगर निगम को लगभग 1 मिलियन डॉलर की अवॉर्ड राशि भी प्राप्त होगी। इस राशि का उपयोग शहर में प्राकृतिक पेंट परियोजना को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने में किया जाएगा। नगर निगम का लक्ष्य है कि इस परियोजना के माध्यम से एक ओर जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए, वहीं दूसरी ओर शहर में गोबर से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान किया जा सके। प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत गोबर से तैयार होने वाले पेंट का उत्पादन किया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करता है। इस परियोजना के जरिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें उत्पादन प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ेंगी। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना से शहर में गोबर के प्रबंधन की समस्या का भी समाधान मिलेगा। गोबर का उपयोग कर पर्यावरण अनुकूल पेंट तैयार किया जाएगा, जिससे कचरा प्रबंधन की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल सामने आएगी। यही कारण है कि इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सराहा गया और गाजियाबाद को टॉप-24 शहरों में स्थान मिला।
ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज दुनिया भर के शहरों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इसमें ऐसे शहरों को चुना जाता है जो शहरी समस्याओं के समाधान के लिए नए और प्रभावी विचार प्रस्तुत करते हैं। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा प्रस्तुत प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट को इसी श्रेणी में एक अभिनव पहल के रूप में देखा गया है। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि माननीय महापौर और नगर आयुक्त के कुशल नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में भारत से राउरकेला शहर को इस मंच पर स्थान मिला था और अब गाजियाबाद दूसरा भारतीय शहर है जिसे यह अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम की योजना है कि प्राकृतिक पेंट परियोजना को और अधिक व्यापक स्तर पर लागू किया जाए।
इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की 100 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोडऩे की योजना तैयार की जा रही है। साथ ही उनके कौशल विकास के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे वे इस परियोजना के माध्यम से स्थायी आय अर्जित कर सकें। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के विस्तार के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। आने वाले समय में इस दिशा में कई नई योजनाएं लागू की जा सकती हैं, जिससे गाजियाबाद को एक नवाचारी और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जा सके। ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज में टॉप-24 शहरों में स्थान मिलने से गाजियाबाद की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है। नगर निगम का मानना है कि यह उपलब्धि शहर में किए जा रहे नवाचारों और विकास कार्यों का परिणाम है। आने वाले समय में भी इसी तरह की योजनाओं के माध्यम से गाजियाबाद को एक आधुनिक, स्वच्छ और आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।

नगर आयुक्त
ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज में गाजियाबाद का टॉप-24 शहरों में शामिल होना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है। प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी दिए जा रहे हैं। आने वाले समय में इस परियोजना को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा, ताकि शहर के सतत विकास को नई गति मिल सके।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
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