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होमताजा खबरकृषिकितना भी खाद डालो, नहीं बढ़ रही पैदावार? ये समस्या तो नहीं, ₹110 में करें पता

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खेती की लागत घटाने और अच्छी पैदावार के लिए कृषि विभाग ने शाहजहांपुर में मृदा परीक्षण अभियान तेज कर दिया है. मात्र 110 रुपये में मिट्टी की जांच कराकर किसान पोषक तत्वों की सटीक जानकारी पा सकते हैं. इससे रसायनों के अनावश्यक खर्च से बचा जा सकता है. मिट्टी की जांच कराने की प्रक्रिया बहुत सरल और किफायती है. लोकल 18 ने इस बारे में जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर से बात की.

शाहजहांपुर. खेती में बेहतर उत्पादन और कम लागत के लिए मिट्टी की सेहत को जानना बेहद जरूरी है. अक्सर किसान बिना किसी वैज्ञानिक आधार के खेतों में अंधाधुंध खाद और रसायनों का प्रयोग करते हैं, जिससे न केवल मिट्टी की उर्वरक शक्ति कम होती है, बल्कि लागत भी बढ़ जाती है. इसी समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग की ओर से मृदा परीक्षण अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है. जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी मिट्टी की जांच कराएं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खेत में किन पोषक तत्वों की कमी है और कितनी मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किया जाना चाहिए.

जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर ने बताया कि मृदा परीक्षण से हमें मिट्टी में मौजूद जैविक तत्वों और नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश जैसे प्रमुख पोषक तत्वों की वर्तमान स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है. इसके आधार पर विशेषज्ञों द्वारा एक संतुलित खाद चार्ट तैयार किया जाता है. किसान मात्र 100 से 110 रुपये के मामूली शुल्क पर सरकारी लैब में अपनी मिट्टी की जांच स्वयं करा सकते हैं.

खेती का ये पहला चरण

मृदा परीक्षण आधुनिक और वैज्ञानिक खेती का पहला चरण है. जब किसान अपनी मिट्टी की जांच कराता है, तो उसे एक रिपोर्ट कार्ड मिलता है. यह रिपोर्ट बताती है कि मिट्टी में किस तत्व की अधिकता और किसकी कमी है. इससे किसान को अनावश्यक खर्च से बचने में मदद मिलती है. अक्सर देखा गया है कि किसान जरूरत से ज्यादा यूरिया या डीएपी का उपयोग करते हैं, जो मिट्टी की बनावट को खराब करता है.

आगे के लिए जरूरी

मिट्टी की जांच कराने की प्रक्रिया बहुत सरल और किफायती है. किसान अपने खेत के विभिन्न हिस्सों से मिट्टी का नमूना लेकर कृषि विभाग की प्रयोगशाला में दे सकते हैं. इसके लिए 100 से 110 रुपये तक का एक निर्धारित शुल्क जमा करना होता है. यह एक छोटी सी लागत है जो भविष्य में फसल की सुरक्षा और खाद के खर्च में बड़ी बचत करती है. सरकारी लैब में आधुनिक मशीनों से मिट्टी के पीएच मान और सूक्ष्म पोषक तत्वों का बारीकी से विश्लेषण किया जाता है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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