सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?
इंस्टाग्राम यूजर जमाल (@im____jamal) ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें वह एक सवाल का जवाब देते हैं: जेप्टो करके क्या मिला?. बजाय शब्दों के जमाल ने अपनी मेहनत का सबूत अपने फोन के स्क्रीनशॉट्स के जरिए दिया. उनकी मुस्कुराहट और आत्मविश्वास यह बताने के लिए काफी था कि वह अपने काम और कमाई से बेहद खुश हैं.
कमाई का चौंकाने वाला गणित
वीडियो में दिखाए गए आंकड़ों के अनुसार इस राइडर की साप्ताहिक कमाई किसी कॉर्पोरेट प्रोफेशनल या शुरुआती इंजीनियर से कम नहीं है. राइडर की कमाई के कुछ मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
· 15-21 दिसंबर: ₹12,288 प्रति सप्ताह.
· 22-28 दिसंबर: ₹14,275 प्रति सप्ताह.
· 05-11 जनवरी: ₹17,109 प्रति सप्ताह (औसत ₹2,444 प्रतिदिन).
· 09-15 फरवरी: ₹15,890 प्रति सप्ताह.
अगर इन आंकड़ों का औसत निकाला जाए तो महीने की कमाई ₹60,000 से ₹70,000 के बीच बैठती है जो कि क्विक कॉमर्स सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
बेंगलुरु की सड़कों पर असम का युवा
जमाल मूल रूप से असम के रहने वाले हैं और वर्तमान में बेंगलुरु में डिलीवरी राइडर के रूप में काम कर रहे हैं. अपनी मेहनत को गर्व से दिखाने वाले इस युवा के वीडियो ने उन सभी लोगों को जवाब दिया है जो डिलीवरी के काम को कमतर आंकते थे.
“इंजीनियरों से ज्यादा कमा रहे हो भाई”
वीडियो के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. लोग न केवल राइडर की मेहनत की तारीफ कर रहे हैं बल्कि इसकी तुलना प्रोफेशनल नौकरियों से भी कर रहे हैं.
· एक यूजर ने मजाक में लिखा, “17 हजार हफ्ता? भाई यह तो गलगोटिया यूनिवर्सिटी के हाईएस्ट इंजीनियरिंग पैकेज के बराबर है!”
· दूसरे यूजर ने हैरानी जताते हुए पूछा, “भाई हमारे स्टोर पर इतने नहीं मिलते तुम यह कैसे कर लेते हो?”
· वहीं, कई बेरोजगार युवाओं ने सीधे तौर पर वैकेंसी और रेफरल मांगना शुरू कर दिया है.
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