अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक्ट्रेस और सांसद हेमा मालिनी ने महिलाओं को ‘ईश्वर की अनमोल रचना’ बताते हुए उनके गुणों की सराहना की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर मैसेज साझा करते हुए हर महिला को अपनी खास पहचान बनाए रखने और जीवन का आनंद लेने के लिए प्रेरित किया. 80 के दशक की सबसे महंगी एक्ट्रेस रहीं हेमा मालिनी खुद एक मजबूत महिला की मिसाल हैं, जो आज भी राजनीति में एक्टिव हैं. उन्होंने हाल में पति धर्मेंद्र के निधन के बाद भी जल्द ही काम पर लौटकर अपने अटूट हौसले का परिचय दिया है.
हेमा मालिनी ने कई यादगार फिल्मों में काम किया है. (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने दुनिया भर की महिलाओं को एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक मैसेज दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर फूलों की एक प्यारी तस्वीर शेयर करते हुए बताया कि जिस तरह हर फूल अपनी खुशबू और रंग में अलग होता है, वैसे ही हर महिला अपने आप में असाधारण और ईश्वर की एक अनूठी रचना है. हेमा मालिनी ने उन सभी महिलाओं की तारीफ की जो घर और दफ्तर के बीच संतुलन बिठाने में माहिर हैं-चाहे वे कुशल बिजनेसवुमन हों, एंटरप्रिन्योर हों या घर संभालने वाली हाउस वाइफ. उन्होंने महिलाओं को याद दिलाया कि वे केवल रिश्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एक स्वतंत्र और दमदार शख्सित हैं, जिन्हें अपने तरीके से जीवन का आनंद लेना चाहिए.
हेमा मालिनी खुद एक मिसाल
हेमा मालिनी केवल पर्दे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी एक मजबूत महिला की मिसाल रही हैं. 80 के दशक में जब सिनेमा पर पुरुषों का दबदबा था, तब हेमा मालिनी सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस थीं. ‘शोले’ और ‘रजिया सुल्तान’ जैसी फिल्मों के लिए उन्हें उस दौर के बड़े सितारों के बराबर या उससे ज्यादा भुगतान किया जाता था. उन्होंने न केवल अपना करियर बनाया, बल्कि अपनी बेटियों की परवरिश भी बखूबी की. अपनी बेटी ईशा देओल को उन्होंने हमेशा यही सलाह दी कि शादी के बाद भी अपनी पहचान नहीं खोनी चाहिए और काम जारी रखना चाहिए. उनके लिए घर और करियर दोनों को साथ लेकर चलना ही असली मजबूतीकरण है.
एक्टिंग के बाद राजनीति में सक्रिय
आज भी हेमा मालिनी राजनीति के मैदान में उतनी ही एक्टिव हैं और मथुरा की सांसद के तौर पर जनता की सेवा कर रही हैं. उनके जीवन का सबसे कठिन समय हाल ही में आया जब उनके पति और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन हो गया. लेकिन एक मजबूत महिला का परिचय देते हुए, वे इस व्यक्तिगत दुख से उबरकर महज एक महीने के भीतर ही अपने काम और जिम्मेदारियों पर वापस लौट आईं. यह उनके अटूट हौसले को दर्शाता है कि जीवन में कितनी भी बड़ी बाधा क्यों न आए, एक महिला को रुकना नहीं चाहिए. हेमा मालिनी का यह अंदाज आज की पीढ़ी की महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है कि उम्र और परिस्थितियां कभी भी आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकतीं.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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