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19 मार्च 2026 को गुरुवार से हिन्दू नववर्ष 2083 प्रारंभ होगा। इस वर्ष का राजा गुरु और मंत्री मंगल रहेगा। गुरु ज्ञान और मंगल साहस का प्रतीक है। जिसकी कुंडली में गुरु और मंगल की स्थिति अच्‍छी रहेगी वही पूरे वर्ष में अच्छा जीवन जी पाएगा और वह सबकुछ कर पाएगा जोकि उसने सोच के रखा है। इस उथल-पुथल भरे वर्ष में उन 5 राशियों को सबसे अधिक लाभ मिलने वाला है जो गुरु और मंगल को स्ट्रांग पोजिशन में देख रहे हैं।

 

1. मेष राशि (Aries)

मेष राशि की कुंडली में बृहस्पति तीसरे भाव में बैठकर पराक्रम का बना हुआ है। इसके बाद 2 जून से वह चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। 11 मार्च से बृहस्पति मार्गी गोचर करके मेष राशि के सितारे को वह बुलंदी पर ले जाएगा, क्योंकि तीसरे भाव से वह भाग्य भाव को देख रहा है। जब चतुर्थ में जाएगा तो कर्म भाव को देखेगा। चूंकि इस वर्ष के मंत्री मंगल हैं, जो मेष राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह वर्ष अत्यंत ऊर्जावान रहेगा। राजा गुरु की कृपा से आपको करियर में बड़े पद की प्राप्ति हो सकती है। मंगल आपको विरोधियों पर विजय दिलाएगा। साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। जो चाहोगे वह इस वर्ष 2083 में मिलेगा।


 

2. सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि की कुंडली में बृहस्पति एकादश अर्थात धन भाव में बैठा है यहां से वह पंचम भाव को देख रहा है। 2 जून तक तो समय बहुत शानदार रहने वाला है। इसकी बाद बृहस्पति 12वें भाव में गोचर करेगा। मंगल की बात करें तो सिंह राशि वालों के लिए यह समय नाम, मान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने वाला है। सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे, मान-सम्मान के साथ धन लाभ होगा। सामाजिक जीवन: प्रभाव बढ़ेगा, लोग आपकी बातों को महत्व देंगे। यह वर्ष आपको लीडर की भूमिका में स्थापित करेगा।


 

3. धनु राशि (Sagittarius)

धनु राशि की कुंडली के सप्तम भाव में बृहस्पति का गोचर चल रहा है। इसके बाद अष्टम भाव में चलेगा। धनु राशि के स्वामी स्वयं राजा 'गुरु' (बृहस्पति) हैं। धार्मिक जागरण और शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन में बताए गए हैं, उनका सीधा लाभ आपको मिलेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। गुरु की स्थिति आपको मानसिक रूप से शांत रखेगी, जिससे आप शनि-मंगल की उथल-पुथल के बीच भी सही निर्णय ले पाएंगे। अष्टम का गुरु आपको आसमानी मदद भी देगा।


 

4. वृश्चिक राशि (Scorpio)

बृहस्पति आपके अष्टम भाव में गोचर करने के बाद नवम भाव में गोचर करेंगे। दोनों ही गोचर शानदार रहने वाले हैं।  आपकी राशि के स्वामी भी मंगल हैं, जो इस वर्ष के मंत्रिमंडल में शक्तिशाली भूमिका (मंत्री) में हैं। भूमि, भवन और संपत्ति के मामलों में बड़ा लाभ होने के योग हैं। संघर्ष के बावजूद अंत में जीत आपकी होगी। आपकी इच्छाशक्ति इतनी प्रबल होगी कि कोई भी बड़ी बाधा आपको रोक नहीं पाएगी।


 

5. मीन राशि (Pisces)

आपकी कुंडली के चतुर्थ भाव में बृहस्पति का गोचर शुभ परिणाम दे रहा है जो 2 जून तक यहीं पर रहेगा। इसके बाद यह पंचम भाव में गोचर करेंगे। मीन राशि के स्वामी गुरु हैं, जो इस संवत्सर के राजा हैं। न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयास सफल होंगे। आर्थिक रूप से यह 13 महीने का साल आपके लिए संचय का वर्ष साबित हो सकता है।

 

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