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हरियाणा के जींद में शनिवार को होली के गुलाल और रंग बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। हादसे में 4 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 मजदूर झुलस गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। घटना सफीदों की भाट कॉलोनी की है। आरोप है कि फैक्ट्री के मेन गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। जब फैक्ट्री में आग लगी तो मजदूर बाहर नहीं निकल पाए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी यह नहीं पता चल पाया है कि आग कैसे लगी। सूचना पर DC मोहम्मद इमरान रजा और SP कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। देखें फैक्ट्री मे आग की घटना से जुड़े PHOTOS… 5 पॉइंट में जानिए कैसे हुआ हादसा…. 30 मजदूर काम कर रहे थे, अचानक आग भड़की जानकारी के अनुसार, सफीदों की भाट कॉलोनी में स्थित एक रंग फैक्ट्री में शनिवार को अन्य दिनों की तरह लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में यह पूरे परिसर में फैल गई। चारों ओर धुएं और आग की लपटें उठने के कारण मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। कुछ लोग जान बचाने के लिए छत से कूदे आग फैक्ट्री के प्रवेश द्वार के पास लगी थी, जिसका संभावित कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। आग लगने के बाद अंदर मौजूद महिलाएं और अन्य लोग घबरा गए। कुछ लोग ऊपर की मंजिल पर चढ़ गए, तो कुछ अंदर के कमरों में छिप गए। कुछ लोगों ने ऊपर से कूदकर अपनी जान बचाई और बाहर शोर मचाया। बाहर से बंद था मेन गेट, लोगों ने तोड़ा मजदूरों के अनुसार, काम के दौरान फैक्ट्री के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। आग लगने के बाद जब मजदूरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, तो ताला लगा होने के कारण वे अंदर ही कैद होकर रह गए। युवाओं ने बचाई फंसे लोगों की जान स्थानीय युवाओं ने अपनी जान पर खेलकर फैक्ट्री में घुसकर लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने दीवार तोड़कर रास्ता बनाया ताकि फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके। इसके बाद फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सेवाओं ने रेस्क्यू ऑपरेशन को संभाला। 2 महिलाओं की मौके पर ही मौत दो महिलाओं की झुलसने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों को सफीदों के अस्पताल में लाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में 2 और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। फिलहाल घटना को लेकर छानबीन चल रही है। घायलों में ये शामिल, मृतकों की पहचान नहीं हादसे के बाद, दो एंबुलेंस की मदद से घायलों को जींद नागरिक अस्पताल ले जाया गया। पहली एंबुलेंस में सफीदों निवासी रानी (45), आदर्श कॉलोनी (सफीदों) निवासी जगबीर (40), और निसिंग (करनाल) निवासी पवन कुमार (30) को लाया गया। जगबीर और पवन कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। इसके अलावा, सफीदों की शिव कॉलोनी निवासी कश्मीरी (39), गीता कॉलोनी निवासी कमलेश (54) को भी गंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में अस्पताल लाया गया। सफीदों निवासी एक अन्य घायल, बिमला (60) को भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों और कुछ घायलों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। 4 पॉइंट में जानें हादसे को लेकर डीसी ने क्या कहा… डीसी बोले- जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि सफीदों की फैक्ट्री में लगी आग में वहां काम कर रहे 17 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं। 4 की मौत हो चुकी है। बाकी घायलों का इलाज चल रहा है। कुछ को रोहतक रेफर किया गया है और कुछ जींद के जनरल हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इनमें 2 पुरुष हैं जबकि शेष सभी महिलाएं हैं। फैक्ट्री के अवैध तौर से चलाने के आरोप: डीसी ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार मालिक ने जगह को किराये पर दिया हुआ था। पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेने की कार्रवाई में लगी है। भविष्य के लिए पूरे जिले में एक अभियान चलाया जाएगा ताकि बिना अनुमति चल रही ऐसी खतरनाक फैक्ट्रियों को बंद किया जा सके। गेट पर बाहर से लगाया था ताला: डीसी ने कहा कि ताला लगाने या अवैध संचालन जैसी शिकायतों पर जांच के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस-फायर विभाग पर कार्रवाई: थाना मात्र 200 मीटर दूर था, फिर भी पुलिस देरी से पहुंची? फायर ब्रिगेड वालों ने कहा कि उनके पास अंदर जाने के लिए उपकरण नहीं हैं? पर डीसी ने कहा कि सरकार ने फायर विभाग को सभी जरूरी संसाधन दिए हैं। अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की कमी पाई जाती है, तो उस पर जांच बिठाई जाएगी। दावा किया कि पुलिस की फर्स्ट रिस्पॉन्डर टीम मौके पर समय से पहुंच गई थी।

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