Tushar Giri UPSC Success Story: मेरठ के रहने वाले तुषार गिरी ने यूपीएससी में तीसरे प्रयास में 395 रैंक हासिल की है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया. साथ ही युवाओं के लिए कहा कि कठिन परिश्रम से ही यूपीएससी में चयन का रास्ता खुलता है. आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी.
मां के जाने के बाद नहीं कभी महसूस होने दी कमी
तुषार गिरी ने बताया कि वह 12वीं में थे, तब उनकी मां का निधन हो गया था. ऐसे में कई तरह की चुनौतियां थी. मगर, उनके पिता शशि भूषण गिरी ने कभी महसूस होने नहीं दी. उनके पिता ने डोगरा स्कूल से वीआरएस लेकर उनकी बेहतर परवरिश के लिए काम किया. इतना ही नहीं इसमें उनके भईया, भाभी और दोस्त खास तौर पर ऋषभ ने भरपूर साथ दिया. इसकी बदौलत उन्होंने यह सफलता हासिल की है. उनके जीवन में भी चुनौतियों के साथ-साथ असफलता का दौर भी रहा है, लेकिन आज जब यह सफलता मिली है तो वह उससे काफी भावुक भी हैं.
दो बार इंटरव्यू तक का सफर
उन्होंने बताया कि दो बार उन्होंने यूपीएससी में इंटरव्यू तक का सफर किया है. एक बार 11 नंबर तो दूसरी बार एक नंबर से वह सफलता के लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना पाए थे. मगर, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों से सीखा. उन्होंने अपने कंटेंट लिखने के तरीके इंटरव्यू से संबंधित क्वेश्चन सभी बातों का अच्छे से अध्ययन किया, जिसकी बदौलत उन्होंने यह सफलता हासिल की है. उन्होंने युवाओं को भी टिप्स देते हुए कहा कि जो भी हुआ यूपीएससी की तरफ आना चाहते हैं वह सबसे पहले अपने सब्जेक्ट का चयन करें, जिसमें उनकी अच्छी पकड़ हो इसी के साथ भी प्रीलिम्स में और इंटरव्यू इन तीनों का विशेष तौर पर ध्यान रखते रहे क्योंकि यह ऐसी परीक्षा है, जिसमें आप जीरो से शिखर और शिखर से जीरो तक का सफर करते हैं. अगर आप एक ही बार में तीनों एग्जाम पास कर ले तो आप सेलेक्ट हो जाते हैं और अगर आप इंटरव्यू में रह जाएं तो आपको फिर से पूरी परीक्षा देनी होती है.
बीटेक के साथ दर्शनशास्त्र में थी रुचि
उन्होंने बताया कि सिविल से जहां उन्होंने बीटेक किया है. वहीं उनको दर्शनशास्त्र में काफी रुचि है, इसलिए ऑप्शनल सब्जेक्ट के तो अपनों ने दर्शनशास्त्र में अध्ययन किया है. उन्होंने युवाओं को इंटरव्यू के टिप्स देते हुए कहा कि इसमें अपने आप से परिचित होने का अवसर मिलता है. ऐसे में आप अपनी स्कूली शिक्षा अपना शहर और प्रत्येक हॉबी गतिविधियों के बारे में अच्छे से अध्ययन करें. साथ ही अपने घर में कोई भी ऐसा व्यक्ति हो जो आपसे लगातार क्वेश्चन आंसर करता रहे. तो इससे आपको इंटरव्यू में प्रैक्टिस होगी, साथ ही लिखित परीक्षा के लिए अब तक के जितने भी पेपर आए हैं. उन सभी को लिखते रहें जितने टेस्ट को आप लिखेंगे आपकी स्पीड भी पड़ेगी और आप सफलता हासिल करेंगे.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
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