Image Slider

-महापौर व नगर आयुक्त की मौजूदगी में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा
– समिति ने व्यापारियों के हित को ध्यान में रखते हुए किराया कम करने का लिया निर्णय
– प्रस्ताव सात मार्च को होने वाली निगम सदन की बैठक में रखा जाएगा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की शहर में स्थित 1702 दुकानों के किराए में वृद्धि को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में शुक्रवार को अहम बैठक हुई। नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की उपस्थिति में गठित समिति ने दुकानों के किराए को लेकर मंथन किया। बैठक में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा के बाद किराया वृद्धि के मुद्दे पर सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। नगर निगम की दुकानों के किराए में बढ़ोतरी का मामला काफी समय से चर्चा में रहा है। पूर्व में गठित समिति ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर इसे निगम सदन में पारित कराया था, लेकिन व्यापारियों ने इसे अत्यधिक बताते हुए आपत्ति जताई थी। इसके बाद कार्यकारिणी की बैठक में इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया गया और नई समिति गठित की गई।

महापौर सुनीता दयाल को समिति का अध्यक्ष और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके साथ ही महापौर की ओर से पार्षद भगवान अग्रवाल, मनोज त्यागी, अजय शर्मा, उदित मोहन और संजय सिंह को समिति में शामिल किया गया। वहीं नगर आयुक्त की ओर से अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनेंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त पल्लवी सिंह, मुख्य अभियंता एन.के. चौधरी और उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह को सदस्य नामित किया गया। बैठक में गोल मार्केट सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थित 1702 दुकानों के किराए में वृद्धि के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान कई व्यापारी प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे। व्यापारियों की ओर से राजू छाबड़ा, राकेश स्वामी, राजेश लाहौरिया, राजकुमार सिंघल, सुरेश गुप्ता और सुरेश महाजन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने व्यापारियों की समस्याओं और वर्तमान परिस्थितियों को समिति के सामने रखा।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि समिति ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के हितों के साथ-साथ व्यापारियों की समस्याओं का भी समाधान करने का प्रयास किया गया है, ताकि सभी पक्षों के बीच संतुलन बनाया जा सके। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी के हर पहलू पर गंभीरता से विचार किया गया है। समिति ने व्यापारियों की मंशा और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किराए को कम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में पत्रावली तैयार कर सात मार्च 2026 को होने वाली नगर निगम सदन की बैठक में प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत किया जाए।

बैठक में यह भी तय किया गया कि रामानुज मार्केट और कविनगर जोन परिसर मार्केट के जिन आवंटियों ने प्रीमियम जमा कराया है, उनसे किराया नहीं लिया जाएगा, बल्कि उन पर संपत्ति कर लागू किया जाएगा। इसके अलावा शहर की अन्य दुकानों पर आपसी सहमति के आधार पर किराए में वृद्धि की जाएगी। समिति के निर्णय से संतुष्ट व्यापारियों ने महापौर, नगर आयुक्त और समिति के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। व्यापारियों ने कहा कि समिति द्वारा लिया गया निर्णय सभी के लिए स्वीकार्य होगा और इससे लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त होने की उम्मीद है।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||