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-बीसीएएस ने जारी किया एनओसी, डीजीसीए करेगी अंतिम निरीक्षण
-एंटी हाइजैक आपात योजना को स्वीकृति, सुरक्षा तैयारियां पूरी
-एयरोड्रम लाइसेंस के बाद 45 दिन में शुरू हो सकती हैं व्यावसायिक उड़ानें

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को संचालन के लिए अंतिम नियामक मंजूरी मिलने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने गुरुवार को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को सुरक्षा क्लियरेंस के तहत नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है।
DGCA अब इस सप्ताह एयरपोर्ट का निरीक्षण करने के बाद एयरोड्रम लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। लाइसेंस मिलते ही एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन और औपचारिक उद्घाटन का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो जाएगा। यह विकास दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यातायात को नई गति प्रदान करेगा। BCAS, जो नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की निगरानी करती है, ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सुरक्षा ऑडिट को पूरा करने के बाद गुरुवार को DGCA को NOC जारी किया। यह NOC एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, जैसे एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, सीसीटीवी नेटवर्क, एंटी-सैबोटाज चेक, और यात्री स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं की पुष्टि करता है। BCAS के इस क्लियरेंस के बिना कोई भी एयरपोर्ट संचालन शुरू नहीं कर सकता। DGCA अब BCAS NOC के आधार पर एयरपोर्ट का अंतिम निरीक्षण करेगी। यह निरीक्षण इस सप्ताह के अंत तक पूरा होने की संभावना है, जिसमें रनवे, टर्मिनल, और अन्य बुनियादी ढांचे की जांच शामिल होगी। निरीक्षण के बाद DGCA एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर देगी, जो एयरपोर्ट को व्यावसायिक उड़ानों के लिए अधिकृत करेगा।

नोएडा एयरपोर्ट के एंटी हाइजेक कंटीजेंसी प्लान को मिली स्वीकृति
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सुरक्षा मंजूरी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने एयरपोर्ट के एंटी हाइजेक कंटीजेंसी प्लान को मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृति के बाद अब एयरपोर्ट को जल्द ही सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुभारंभ की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। फिलहाल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का इंतजार है। इसके लिए सबसे पहले सिक्योरिटी क्लीयरेंस जरूरी होती है और इसी प्रक्रिया के तहत एएचसीपी को स्वीकृति मिली है। एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने एयरपोर्ट के एंटी हाइजेक कंटीजेंसी प्लान को मंजूरी दे दी है।

यह एक आपातकालीन सुरक्षा योजना होती है, जो किसी विमान के अपहरण, बम की सूचना या अन्य गंभीर सुरक्षा संकट की स्थिति में लागू की जाती है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत विमानन कंपनियां, एयरपोर्ट अथॉरिटी, सुरक्षा एजेंसियां, स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन समिति और सरकार के विभिन्न विभाग मिलकर समन्वित कार्रवाई करते हैं। योजना में विमान की निगरानी, यात्रियों की सुरक्षा, अपहरणकर्ताओं से बातचीत के लिए वार्ताकारों की तैनाती और जरूरत पड़ने पर विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं शामिल होती हैं। एएचसीपी की मंजूरी तभी दी जाती है, जब एयरपोर्ट पर सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी उपकरण, संसाधन और व्यवस्थाएं उपलब्ध हो जाती हैं।

राकेश कुमार सिंह
सीईओ, यमुना प्राधिकरण (यीडा)

नोएडा एयरपोर्ट के लिए सिक्योरिटी क्लियरेंस मिल गया है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने क्लियरेंस जारी कर दी है। अब जल्द एयरोड्रम लाइसेंस जारी हो जाएगा।
आरके सिंह, सीईओ नायल

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