-सरस्वती शिशु मंदिर में आरएसएस-भाजपा की संयुक्त बैठक, ढाई घंटे तक चली मंथन बैठक
-गाजियाबाद से प्रदेशव्यापी बैठकों की शुरुआत, संगठन विस्तार पर जोर
-जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति रही चर्चा में, प्रशासनिक अमला रहा तैनात
-मुख्यमंत्री के दौरे पर शहर में ट्रैफिक डायवर्जन, कई मार्गों पर भारी वाहनों की रोक
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसी भी राजनीतिक दल की सफलता का मूल आधार उसका सशक्त और अनुशासित संगठन होता है। संगठन जितना मजबूत और समर्पित होगा, चुनावों में विजय की संभावना उतनी ही अधिक होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की निरंतर सफलता के पीछे कार्यकर्ताओं की निष्ठा, परिश्रम और संगठन की सुदृढ़ संरचना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री गुरुवार को नेहरू नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की संयुक्त बैठक में शामिल हुए। यह बैठक प्रदेश स्तर पर आयोजित की जाने वाली श्रृंखलाबद्ध बैठकों की शुरुआत मानी जा रही है। मुख्यमंत्री लगभग दो घंटे पैंतालीस मिनट तक बैठक में उपस्थित रहे। बैठक का प्रारंभ पूर्वाह्न 11 बजकर 45 मिनट पर हुआ। बैठक में संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में संगठन की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यदि संगठन सक्रिय, जागरूक और जनसंपर्क में सक्षम है, तो सरकार की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित होती हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ संवाद स्थापित करें और सेवा भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि संगठन केवल चुनावी दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी आवश्यक है। जब संगठन मजबूत होता है, तब वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। बैठक के दौरान प्रदेश में संगठन के विस्तार, समन्वय और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि इस प्रकार की बैठकें प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित की जाएंगी, जिससे संगठनात्मक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा अन्य प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त तथा मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल सहित अन्य अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहे, किंतु वे बैठक कक्ष के भीतर शामिल नहीं हुए। मुख्यमंत्री हिंडन वायुसेना स्थल से वाहन शृंखला के माध्यम से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। बैठक समाप्त होने के पश्चात वे सड़क मार्ग से पुलिस लाइन पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा ग्रेटर नोएडा के लिए प्रस्थान किया। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर प्रात: आठ बजे से अपराह्न दो बजे तक यातायात परिवर्तन व्यवस्था लागू की गई। कई मार्गों पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई। आत्माराम स्टील चौराहे से डायमंड तिराहा होते हुए हापुड़ चुंगी की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों का संचालन बंद रहा। इसी प्रकार लोहा मंडी से विवेकानंद मार्ग होते हुए हापुड़ चुंगी की दिशा में भी भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गई। एएलटी चौराहे से हापुड़ चुंगी और राजनगर विस्तार की ओर तथा नागद्वार से राजनगर विस्तार की दिशा में भी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया। होली चाइल्ड विद्यालय से कालकागढ़ी चौक के मध्य सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगाई गई। यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को संचालित कराया, जिससे व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश आज विकास के पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है। यह प्रगति संगठन और सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता निष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करते हैं, तो सरकार की नीतियां धरातल पर सफल होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठनात्मक बैठकों का उद्देश्य केवल रणनीति बनाना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के मनोबल को सुदृढ़ करना और उन्हें आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करना है। संगठन की शक्ति ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी दल की वास्तविक पूंजी होती है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान नगर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक सतर्कता बरती गई। प्रशासन ने दावा किया कि सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की गईं और आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हुई। इस प्रकार गाजियाबाद से प्रारंभ हुई संगठनात्मक बैठकों की यह श्रृंखला प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत दे रही है। आने वाले समय में इन बैठकों के माध्यम से संगठन को और अधिक सक्रिय तथा सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।
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