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Namo Bharat Train Meerut: मेरठ जाने वाले यात्रियों के लिए नमो भारत ट्रेन (RRTS) गेमचेंजर साबित हुई है. इस होली पर कौशांबी डिपो से बसों की संख्या 20 से घटकर महज 8 रह गई है, क्योंकि यात्रियों ने भीषण जाम से बचने के लिए आरामदायक रैपिड रेल को चुना है. परिवहन निगम के अनुसार, किराये में मामूली अंतर और बेहतर सुविधा ने रोडवेज का गणित बदल दिया है. होली के दिन (4 मार्च) ट्रेनों का समय बदला गया है, अब सेवाएं शाम 5 बजे से शुरू होंगी.

मेरठ जाने वालों की राह हुई आसान, नमो भारत ने खत्म किया बसों का इंतज़ारZoom

Namo Bharat Train Meerut: भूल जाइए ट्रैफिक का वो सिरदर्द और रोडवेज की वो लंबी वेटिंग! मेरठ जाने वालों के लिए इस बार की होली कुछ खास है. दरअसल, होली का त्योहार हो और सड़कों पर भारी भीड़ न हो, ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है. लेकिन इस बार नमो भारत ट्रेन ने न केवल सफर का समय घटाया है, बल्कि यूपी रोडवेज के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है. जी हां… जब किराया लगभग बराबर हो और सुविधा किसी लग्जरी कार जैसी, तो भला कौन जाम में फंसना चाहेगा? आइए जानते हैं कैसे नमो भारत ने इस बार रोडवेज का गणित बिगाड़ दिया.

बसों की संख्या में आई भारी कमी
परिवहन निगम के आंकड़ों पर नजर डालें तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. कौशांबी डिपो से मेरठ के लिए जहां हर साल होली के दौरान 20 से अधिक साधारण बसें लगातार संचालित की जाती थीं, वहीं इस साल पिछले 3 दिनों में केवल 8 बसें ही रवाना हुई हैं. परिवहन विभाग के अधिकारियों का खुद मानना है कि मेरठ जाने वाले यात्रियों की पहली पसंद अब नमो भारत ट्रेन बन गई है. इसने न केवल यात्रियों को आरामदायक सफर दिया है, बल्कि नेशनल हाईवे पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति दिलाई है.

किराये में ज्यादा फर्क नहीं, सुविधा में बड़ा अंतर
कौशांबी डिपो के एआरएम (ARM) अंशुल भटनागर के अनुसार, इस बार रोडवेज बसों पर यात्रियों का लोड काफी कम देखा गया है. उन्होंने बताया कि मेरठ जाने वाले अधिकांश पैसेंजर्स ने नमो भारत का सहारा लिया है. इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि नमो भारत और रोडवेज बसों के किराये में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है. ऐसे में यात्री कम समय और बेहतर सुविधा के लिए रैपिड रेल को प्राथमिकता दे रहे हैं.

लोकल रूटों पर स्थिति और छुट्टियों का गणित
मेरठ के अलावा हापुड़, बुलंदशहर और खुर्जा जैसे लोकल रूटों पर भी इस बार पिछले सालों के मुकाबले भीड़ कम नजर आई है. अधिकारियों का मानना है कि इस साल होली की छुट्टियां 28 फरवरी से ही शुरू हो गई थीं, जिससे यात्रियों का आवागमन अलग-अलग दिनों में बंट गया. हालांकि, गढ़मुक्तेश्वर जाने वाले यात्रियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ा, क्योंकि वहां की बसें रास्ते में फंसी होने के कारण समय पर वापस नहीं लौट पा रही थीं. कौशांबी डिपो से फिलहाल आजमगढ़, कानपुर, लखनऊ और बस्ती जैसे लंबी दूरी के रूटों के लिए बसें सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं.

होली पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का समय बदला
अगर आप होली के दिन (4 मार्च) सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो समय का ध्यान जरूर रखें. त्योहार के मद्देनजर नमो भारत और मेरठ मेट्रो की सेवाओं में बदलाव किया गया है. 4 मार्च को सुबह के समय ट्रेन उपलब्ध नहीं होगी. यात्री सेवाएं शाम 5 बजे से शुरू होंगी और रात 10 बजे तक चालू रहेंगी. सामान्य दिनों की बात करें तो यात्रियों की सुविधा के लिए यह सेवा सातों दिन उपलब्ध रहती है. नियमित समय के अनुसार ट्रेन प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलती है, जिसमें रविवार भी शामिल है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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