Image Slider

Last Updated:

झांसी में आनंद साहू अपनी लड़कियों को तलवारबाजी और लाठीबाजी सिखाकर उन्हें आत्मविश्वास, हिम्मत और अनुशासन सिखा रहे हैं. यह पहल न केवल लड़कियों को सुरक्षित बनाती है बल्कि उनकी शारीरिक और मानसिक ताकत भी बढ़ाती है, और धीरे-धीरे पूरे शहर में एक मिसाल बन रही है.

झांसी. शहर में एक ऐसे गुरु हैं जिनका नाम है आनंद साहू, ये कई साल से लड़कियों को तलवारबाजी और लाठीबाजी सिखा रहे हैं. उनका मानना है कि बेटी किसी से कम नहीं होती. बस उसे सही राह और हिम्मत की जरूरत होती है. आनंद रोज शाम को एक मैदान में लड़कियों को अभ्यास कराते हैं. पहले लड़कियो को खड़े होने का सही तरीका सिखाते हैं. फिर पकड़ और वार करना सिखाते हैं. धीरे धीरे लड़कियां डर छोड़ देती हैं, गांव और शहर की कई बेटियां यहां आकर लाठी बाजी और तलवार बाजी सीख रही है. बेटियों के परिवार वाले भी बहुत खुश हैं, परिजन देख रहे हैं कि उनकी बेटियां मजबूत बन रही हैं. प्रशिक्षक आनंद साहू कहते हैं कि तलवारबाजी और लाठीबाजी केवल लड़ाई के लिए नहीं है. यह अपने बचाव का तरीका है. आज के समय में हर लड़की को खुद की रक्षा आनी चाहिए. जब लड़की अपने हाथ में लाठी पकड़ती है तो उसके मन का डर कम होता है. जब वह तलवार चलाना सीखती है तो उसके चेहरे पर हिम्मत दिखती है. अभ्यास से शरीर मजबूत होता है, हाथ और पैर तेज चलते हैं. आंख और दिमाग साथ साथ काम करते हैं. इससे पढ़ाई में भी ध्यान बढ़ता है, खेल में भी मन लगता है.

लड़कियां अब पहले से ज्यादा सीधी खड़ी होती हैं और बात भी साफ कहती हैं, तलवारबाजी और लाठीबाजी सीखने से कई फायदे होते हैं. पहला फायदा है
आत्मविश्वास, जब लड़की को लगता है कि वह खुद की रक्षा कर सकती है तो वह हर जगह निडर होकर जाती है. दूसरा फायदा है अच्छा स्वास्थ्य रोज अभ्यास से शरीर चुस्त रहता है और आलस दूर होता है. तीसरा फायदा है अनुशासन समय पर आना और नियम मानना सीखती हैं. चौथा फायदा है साथ मिलकर काम करना सब लड़कियां एक दूसरे का हौसला बढ़ाती हैं. इससे दोस्ती बढ़ती है. मन खुश रहता है, अगर कभी कोई मुसीबत आए तो वे घबराती नहीं बल्कि समझदारी से काम लेती हैं.

यह पहल कई लोगों के लिए मिसाल
आज झांसी में यह पहल कई लोगों के लिए मिसाल बन गई है माता पिता अपनी बेटियों को खुद यहां लेकर आते हैं. आनंद हर नई लड़की को पहले समझाते हैं कि ताकत का सही उपयोग करना है. किसी को डराना नहीं है बल्कि खुद सुरक्षित रहना है. कोच आनंद कहते हैं बेटी मजबूत होगी तो घर मजबूत होगा. अब कई लड़कियां स्कूल और कॉलेज में भी अपने हुनर का प्रदर्शन कर रही हैं. लोग तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाते हैं. यह बदलाव धीरे धीरे पूरे शहर में फैल रहा है. हर बेटी को यह संदेश दे रहा है कि वह कमजोर नहीं है वह चाहे तो हर मुश्किल का सामना कर सकती है.

About the Author

authorimg

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||