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होमखेलक्रिकेटआंकड़ों में क्यों नहीं उलझते गंभीर, 6 मैच के बाद कैमरे के सामने क्यों आए कोच

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गंभीर ने कहा कि जब तक वह कोच हैं, हर खिलाड़ी के योगदान का सम्मान किया जाएगा. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुझे खुशी है कि आप सभी के योगदान की बात कर रहे हैं, क्योंकि कई सालों से हम सिर्फ कुछ खास योगदानों की ही चर्चा करते रहे हैं. यह एक टीम खेल है और हमेशा टीम खेल ही रहेगा. मेरे लिए शिवम के दो चौके भी उतने ही जरूरी हैं जितने संजू के 97 रन

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वर्ल्ड कप के 6 मैचों के बाद कैमरे के सामने क्यों आए हेड कोच गौतम गंभीर

नई दिल्ली. वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया 7 मैच खेल चुका है और हर मैच के बाद ये लगता था कि हेड कोच प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आएंगे पर हर बार टीम मैनेजमेंट से कोई और आ धमकता था. वेस्टइंडीज के खिलाफ जब भारत ने मैच जीता तो इंतजार खत्म हुआ और सामने आए हेड कोच.  गौतम गंभीर का मानना है कि टीम खेल में हर खिलाड़ी का छोटा या बड़ा योगदान जरूरी होता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट में यह बात लंबे समय से नजरअंदाज की गई है. उन्होंने कहा कि अगर शिवम दुबे ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच में 19वें ओवर में दो चौके नहीं लगाए होते, तो संजू सैमसन की 97 रन की मैच जिताने वाली पारी की कोई बात नहीं करता.

गंभीर ने कहा कि जब तक वह कोच हैं, हर खिलाड़ी के योगदान का सम्मान किया जाएगा. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुझे खुशी है कि आप सभी के योगदान की बात कर रहे हैं, क्योंकि कई सालों से हम सिर्फ कुछ खास योगदानों की ही चर्चा करते रहे हैं. यह एक टीम खेल है और हमेशा टीम खेल ही रहेगा. मेरे लिए शिवम के दो चौके भी उतने ही जरूरी हैं जितने संजू के 97 रन, क्योंकि अगर उसने वे दो चौके नहीं लगाए होते तो आप उस 97 रन की पारी के बारे में बात भी नहीं करते. बड़ा योगदान सुर्खियों में रहता है, लेकिन छोटा योगदान भी जरूरी है क्योंकि वह टीम को जीत दिलाने में मदद कर सकता है.

गंभीर को अपने प्लान पर भरोसा 

हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि जब तक मैं इस पद पर हूं, हमारी यही नीति रहेगी. दुनिया भर के कोच आंकड़ों को जरूरी मानते हैं, लेकिन गंभीर उनमें शामिल नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सच कहूं तो मुझे आंकड़ों पर भरोसा नहीं है. मैंने कभी आंकड़े देखे ही नहीं. मुझे तो यह भी नहीं पता कि आंकड़े क्या होते हैं. मैं उन पर बिल्कुल विश्वास नहीं करता, क्योंकि मुझे लगता है कि वे ज्यादातर सहज ज्ञान पर आधारित होते हैं. गंभीर की यह बात हैरान करने वाली थी क्योंकि टीम डेटा विश्लेषक हरि प्रसाद पर काफी निर्भर रहती है.

वानखेड़े पर खेलना आसान नहीं

भारतीय कोच ने कहा कि टी20 क्रिकेट में सहज ज्ञान और उस पर भरोसा करना ही सबसे जरूरी है. खेल और टी20 फॉर्मेट के बारे में मुझे जो भी जानकारी है, मैं उसे कप्तान को देने और उनकी मदद करने की कोशिश करता हूं. लेकिन आखिर में फैसला कप्तान को ही करना होता है, और ईमानदारी से कहूं तो मुझे आंकड़ों पर कोई भरोसा नहीं है क्योंकि इन्हें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है. मेरे लिए यह बहुत सौभाग्य की बात है कि हमारे पास विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में होने वाले सेमीफाइनल के बारे में गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड की टीम एक विश्वस्तरीय टीम है. उनके पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं और हम सभी जानते हैं कि वानखेड़े में खेलना आसान नहीं होता. उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे.

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