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होमताजा खबरदेशएआई समिट बवाल: कांग्रेस को बड़ी राहत, यूथ कांग्रेस के चीफ उदय भानु को जमानत

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AI Summit Controversy: यूथ कांग्रेस के चीफ उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दी है. भारत AI इम्पैक्ट समिट में शर्टलेस विरोध प्रदर्शन मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी. कोर्ट ने पुलिस रिमांड बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी.

एआई समिट बवाल: कांग्रेस को बड़ी राहत, यूथ कांग्रेस के चीफ उदय भानु को जमानतZoom

पटियाला हाउस कोर्ट ने भानु को जमानत दे दी है.

AI Summit Controversy:  इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने शनिवार को जमानत दे दी. यह मामला 20 फरवरी को भारत AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की सात दिन की पुलिस रिमांड बढ़ाने की अर्जी ठुकरा दी, क्योंकि पुलिस पर्याप्त ठोस कारण नहीं बता पाई.

जमानत पर चिब को 50,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरना होगा. साथ ही अपना पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (मोबाइल, लैपटॉप आदि) कोर्ट में सरेंडर करने होंगे. उनके वकील ने बताया कि कोर्ट ने पुलिस की अर्जी पर सख्त टिप्पणी की और कहा कि रिमांड बढ़ाने के लिए कोई मजबूत आधार नहीं है. पुलिस का आरोप है कि चिब इस प्रदर्शन के मुख्य साजिशकर्ता थे. 20 फरवरी को AI इम्पैक्ट समिट के आखिरी दिन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ नारे दिखाए थे. इनमें पीएम मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ स्लोगन शामिल थे. पुलिस का कहना है कि चिब ने कृष्णा हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव, अजय कुमार यादव समेत अन्य के साथ मिलकर गैरकानूनी जमावड़ा किया, पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी में बाधा डाली और हमला किया.

24 फरवरी को गिरफ्तार हुए थे

साथ ही पूछताछ में सहयोग नहीं किया और फरार आरोपियों व टी-शर्ट छपवाने के स्रोत की जानकारी नहीं दी. चिब को 24 फरवरी को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन पर 15 घंटे से ज्यादा पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था. क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार रात देर से कोर्ट में रिमांड एक्सटेंशन मांगी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर जमानत दे दी. इस घटना ने बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा किया. बीजेपी ने इसे भारत की ग्लोबल इमेज खराब करने की साजिश बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे युवाओं की बेरोजगारी और AI से नौकरियां छिनने जैसी चिंताओं को दिखाने वाला शांतिपूर्ण विरोध कहा. दिलचस्प है कि इंडिया गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों ने भी ‘शर्टलेस’ तरीके की आलोचना की. अब जांच जारी है, लेकिन चिब की जमानत से कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है.

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